पुतिन के लिए जान देने वाले सैनिकों के परिवारों को किम का तोहफा, दिए आलीशान घर

North Korea: रूस-यूक्रेन जंग में जान गंवाने वाले उत्तर कोरियाई सैनिकों के परिवारों के लिए किम जोंग उन ने प्योंगयांग में आलीशान 'सैप्योल स्ट्रीट' तैयार करवाई है. 14 हजार सैनिकों में से करीब 6 हजार के मारे जाने या घायल होने की खबर है. अपनी बेटी के साथ पहुंचे किम ने इन परिवारों को नए घर सौंपकर शहीदों का बदला चुकाने का वादा किया है.

North Korea: उत्तर कोरिया से एक बड़ी खबर सामने आई है. किम जोंग उन ने प्योंगयांग में एक नया हाउसिंग डिस्ट्रिक्ट (आवासीय इलाका) तैयार करवाया है. यह इलाका उन सैनिकों के परिवारों के लिए है, जो यूक्रेन युद्ध में रूस की तरफ से लड़ते हुए मारे गए हैं. किम जोंग उन अपनी बेटी किम जू ए के साथ इन घरों का उद्घाटन करने पहुंचे.

सफेद चमचमाती ‘सैप्योल स्ट्रीट’ की खासियत

उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के अनुसार, इस नए इलाके का नाम ‘सैप्योल स्ट्रीट’ रखा गया है. किम जोंग उन ने खुद इन घरों का दौरा किया और शहीदों के परिवारों से मुलाकात की. किम ने कहा कि ये घर उन युवा शहीदों के बलिदान का सम्मान हैं जिन्होंने अपने देश के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि ये परिवार गर्व के साथ और खुशी-खुशी इन घरों में रहें.

युद्ध में कितने सैनिकों की हुई मौत?

साउथ कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल तक करीब 600 सैनिकों की मौत की खबर थी, लेकिन हालिया आंकड़ों के मुताबिक यूक्रेन युद्ध में तैनात करीब 14,000 उत्तर कोरियाई सैनिकों में से लगभग 6,000 सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं. हालांकि, उत्तर कोरिया ने आधिकारिक तौर पर मौतों का कोई सटीक ब्रेकडाउन नहीं दिया है.

रूस और उत्तर कोरिया की ‘पक्की दोस्ती’

किम जोंग उन ने पुतिन की हर पॉलिसी को बिना शर्त सपोर्ट करने का वादा किया है. इसके बदले में रूस, उत्तर कोरिया को आधुनिक कॉम्बैट एक्सपीरियंस (युद्ध का अनुभव) और तकनीकी सहायता दे रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे उत्तर कोरिया के हथियारों और मिसाइल सिस्टम में काफी सुधार हो सकता है.

आखिर क्यों बनाया गया यह नया इलाका?

कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के एनालिस्ट होंग मिन के अनुसार, यह किम जोंग उन का एक सोची-समझी चाल है. इस महीने के अंत में उत्तर कोरिया में एक बड़ी पार्टी कांग्रेस (मीटिंग) होने वाली है. ऐसे में किम जनता को यह दिखाना चाहते हैं कि सरकार अपने सैनिकों के बलिदान का बदला और उनके परिवारों का ख्याल रख रही है. यह सब देश के अंदर एकता बनाए रखने और लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए किया जा रहा है.

प्रोपोगेंडा और सम्मान की दीवार

सिर्फ घर ही नहीं, उत्तर कोरिया ने इन सैनिकों की याद में एक मेमोरियल वॉल और एक म्यूजियम भी बनाया है. वहां मूर्तियों के जरिए उन सैनिकों की बहादुरी के किस्से सुनाए जा रहे हैं जो यूक्रेन में तैनात थे. यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि रूस की जंग में अपने सैनिकों को भेजने के फैसले को सही ठहराया जा सके.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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