Iran War : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है. ईरान के शीर्ष वार्ताकार गालिबाफ ने डोनाल्ड ट्रंप पर कूटनीति को कमजोर (Undermining Diplomacy) करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका धमकी दे रहा है, साथ ही सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है. ईरान दबाव में बातचीत नहीं करेगा और अपने हितों की रक्षा के लिए सख्त रुख अपनाएगा.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गालिबाफ ने लिखा कि अमेरिका बातचीत को ऐसा बनाना चाहता है जैसे सामने वाले को सरेंडर करना पड़े. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तनाव और बढ़ा, तो ईरान के पास युद्ध के मैदान में दिखाने के लिए नए कार्ड तैयार हैं.
फिर जोरदार बमबारी शुरू हो सकती है : ट्रंप
गालिबाफ का यह बयान उस वक्त आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 अप्रैल की डेडलाइन से पहले कड़ी चेतावनी दी. PBS News से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई हल नहीं निकला, तो फिर जोरदार बमबारी शुरू हो सकती है. इससे साफ है कि इस्लामाबाद में होने वाली अगली बातचीत बेहद अहम और तनाव से भरी रहने वाली है.
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डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह तय नहीं है कि ईरान बातचीत में शामिल होगा या नहीं. उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने आने की बात कही थी, लेकिन तेहरान की मौजूदगी की गारंटी नहीं है. साथ ही उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी टीम तय कार्यक्रम के मुताबिक जाएगी, यानी अमेरिका बातचीत जारी रखने या हालात बिगड़ने पर रुख बदलने दोनों के लिए तैयार है.
ईरान और अमेरिका के बीच भरोसा अभी भी बिल्कुल नहीं बन पाया
यह पूरा विवाद ऐसे समय हो रहा है जब ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर दोनों देशों में गहरी खींचतान है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में भी लगातार रुकावटें आ रही हैं, जो दुनिया के लिए बहुत अहम तेल रास्ता है. भले ही फिलहाल सीजफायर से सीधी लड़ाई रुकी हुई है, लेकिन दोनों के बीच भरोसा अभी भी बिल्कुल नहीं बन पाया है.
