मादुरो का केस लड़ने वाले वकील और दलील सुनने वाले जज कौन हैं? एक छुड़वाने में माहिर, तो दूसरा जकड़ने में

Nicolas Maduro's Lawyer and Judge: वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अमेरिका की गिरफ्त में 3 जनवरी को आए और सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया. उनका मामला 92 वर्षीय वरिष्ठ न्यायाधीश एल्विन हेलरस्टीन की कोर्ट में चलेगा. वहीं मादुरो ने अपने केस के लिए प्रसिद्ध वकील बैरी पोलैक को नियुक्त किया है.

By Anant Narayan Shukla | January 6, 2026 2:06 PM

Nicolas Maduro’s Lawyer and Judge: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को शनिवार, 3 जनवरी को कराकास में अमेरिकी सैनिकों ने एक हाई-रिस्क कार्रवाई में हिरासत में लिया. उन्हें उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ हथकड़ी लगाकर न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन जेल में बंद किया गया. सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी से जुड़े गंभीर आरोपों में अदालत के सामने उनकी पहली पेशी की गई. न्यूयॉर्क की इस अदालत में अमेरिका के 92 वर्षीय वरिष्ठ न्यायाधीश एल्विन हेलरस्टीन (Alvin Hellerstein) उनका केस सुनेंगे. वहीं वेनेजुएला नेता की ओर से अमेरिका के वरिष्ठ ट्रायल वकील बैरी पोलैक (Barry Pollack) उनकी कानूनी पैरवी करेंगे. ये दोनों ही दिग्गज अपने-अपने क्षेत्र के महारथी हैं, आइये जानते हैं इन दोनों के बारे में. 

पहले दलील देने वाले वकील के बारे में जानते हैं. वॉशिंगटन स्थित अनुभवी वकील बैरी पोलैक ने सोमवार को नार्को-टेररिज्म केस में मादुरो के वकील के तौर पर अदालत में मौजूद रहे. हैरिस सेंट लॉरेंट एंड वेक्सलर एलएलपी से जुड़े बैरी पोलैक को अमेरिका के शीर्ष ट्रायल वकीलों में गिना जाता है. उनकी प्रमुख उपलब्धियों में जूलियन असांजे के लिए ऐसा प्ली एग्रीमेंट हासिल करना शामिल है, जिसके चलते जासूसी के मामलों में जेल में बंद असांजे को तत्काल रिहाई मिल सकी.

पोलैक की विशेषता क्या है?

पोलैक मुख्य रूप से वित्तीय और कारोबारी अपराधों, सार्वजनिक भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की पैरवी करते हैं. उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, वे एंटीट्रस्ट उल्लंघन, सरकारी ठेकों में धोखाधड़ी, सिक्योरिटीज, टैक्स, हेल्थ केयर, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े फ्रॉड मामलों में भी नियमित रूप से अदालतों में पेश होते रहे हैं. तीन दशक से अधिक के अनुभव के साथ पोलैक ने कई हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामलों में कॉर्पोरेट अधिकारियों, शीर्ष सरकारी अफसरों, कंपनियों और संस्थानों का प्रतिनिधित्व किया है. वे अमेरिकन कॉलेज ऑफ ट्रायल लॉयर्स और अमेरिकन बोर्ड ऑफ क्रिमिनल लॉयर्स के फेलो हैं और नेशनल एसोसिएशन ऑफ क्रिमिनल डिफेंस लॉयर्स के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

जज एल्विन हेलरस्टीन सुनेंगे मादुरो का मामला

अब दलील सुनने वाले जज के बारे में. मामले की सुनवाई अमेरिकी जिला जज एल्विन हेलरस्टीन के पास रहने की संभावना है, क्योंकि 2020 में मादुरो के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र भी उन्हीं को सौंपा गया था. यह मामला करीब 15 वर्षों से जज हेलरस्टीन की निगरानी में चल रहा है. इसी केस से जुड़े वेनेजुएला के पूर्व खुफिया प्रमुख ह्यूगो आर्मांडो कारवाजाल को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है. ऐसे में मादुरो भी इन्हीं यहूदी समुदाय के विशेषज्ञ और अनुभवी जज के जिम्मे सौंपे गए हैं. 

कानून और सेना से न्यायपालिका तक का सफर

एल्विन हेलरस्टीन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की है. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने 1957 से 1960 के बीच अमेरिकी सेना में एक वकील के रूप में की. इसके बाद वे निजी वकालत में सक्रिय रहे. वर्ष 1998 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने उन्हें न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट की संघीय अदालत में जज नियुक्त किया. अपने लंबे न्यायिक करियर में हेलरस्टीन ने अनेक हाई-प्रोफाइल मामलों पर फैसले सुनाए हैं. इनमें 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों से जुड़े सिविल मुकदमे, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े विवाद, और ट्रंप प्रशासन द्वारा बिना सुनवाई वेनेजुएला के कथित गैंग सदस्यों को देश से बाहर भेजने की योजना पर रोक लगाने का आदेश शामिल है.

ट्रंप प्रशासन के फैसलों पर कड़ा रुख

जज एल्विन हेलरस्टीन को ट्रंप प्रशासन से जुड़े मामलों में अपने सख्त और स्वतंत्र रुख के लिए जाना जाता है. उन्होंने 1798 के एलियन एनिमीज़ एक्ट के तहत वेनेजुएला के प्रवासियों को एल साल्वाडोर भेजने की ट्रंप सरकार की योजना पर रोक लगा दी थी और साफ कहा था कि निर्वासन से पहले हर आरोपी को अदालत में अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है. इसके अलावा, हेलरस्टीन ने ट्रंप की उस याचिका को भी खारिज कर दिया था, जिसमें न्यूयॉर्क स्टेट फ्रॉड ट्रायल को फेडरल कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी. इन फैसलों को न्यायिक स्वतंत्रता और कानून के शासन के मजबूत संकेत के रूप में देखा गया.

अन्य मामलों में ऐतिहासिक निर्णय दिए 

अपने पेशेवर फैसलों के साथ-साथ हेलरस्टीन ने न्यायिक करियर में उन्होंने सख्ती और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन दिखाया. एक ओर जहां उन्होंने जेपी मॉर्गन से धोखाधड़ी के मामले में टेक स्टार्टअप संस्थापक चार्ली जैविस को सात साल से अधिक की सजा सुनाई और आर्केगोस कैपिटल के संस्थापक बिल ह्वांग को 18 साल की जेल भेजा, वहीं दूसरी ओर एक मामले में मैक्सिकन नागरिक अलेजांद्रो ओरोको की दोष स्वीकार याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि वह अनजाने में अपराध में फंसा था, जिसके बाद वह आगे चलकर अमेरिकी नागरिक बन सका. इसके अलावा, बीएनपी परिबास को सूडान के पूर्व शासक ओमर अल-बशीर की सरकार की मदद का दोषी ठहराते हुए पीड़ितों को 20.75 मिलियन डॉलर का मुआवजा दिलाने और 2015 में इराक व अफगानिस्तान में बंदियों पर अत्याचारों की तस्वीरें सार्वजनिक करने का आदेश देने जैसे फैसलों ने उन्हें पारदर्शिता और मानवाधिकारों के पक्षधर जज के रूप में स्थापित किया.

मादुरो ने खुद को बताया निर्दोष

63 वर्षीय मादुरो को हेलीकॉप्टर से मैनहैटन के उस हेलीपोर्ट पर उतारा गया, जो संघीय अदालत के नजदीक स्थित है. इसके बाद उन्हें भारी सुरक्षा घेरे में एक बख्तरबंद गाड़ी से आगे ले जाया गया. इस दौरान वे हल्के भूरे रंग की जेल ड्रेस और चमकीले नारंगी जूते पहने नजर आए. अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के एजेंटों की निगरानी में चलते समय वे थोड़े लंगड़ाते हुए दिखाई दिए. 69 वर्षीय उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस भी चोटिल नजर आईं. उनके वकील ने कहा कि उनकी पसलियों में चोट लगने की संभावना जताई. सोमवार को मादुरो अपनी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ अदालत में पेश हुए और नार्को-टेररिज्म समेत सभी आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया.

मादुरो पर लगे आरोप

अमेरिकी अभियोजन पक्ष के अनुसार, मादुरो और उनके करीबी सहयोगियों ने 25 वर्षों से अधिक समय तक अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग किया और पहले वैध संस्थाओं को भ्रष्ट बनाकर अमेरिका में बड़ी मात्रा में कोकीन की तस्करी को बढ़ावा दिया.

मादुरो पर कुल चार गंभीर आरोप लगाए गए हैं

  • नार्को-टेररिज्म की साजिश
  • कोकीन आयात की साजिश
  • मशीनगन और विनाशकारी हथियार रखने का आरोप
  • मशीनगन और विनाशकारी हथियार रखने की साजिश

यह मामला अमेरिकी न्याय विभाग के अंतर्गत आने वाले साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क के यूएस अटॉर्नी कार्यालय ने दर्ज किया है, जो अपने सख्त और स्वतंत्र अभियोजन के लिए जाना जाता है. आगे की सुनवाई के दौरान मादुरो यह तर्क दे सकते हैं कि वे एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष हैं और इस आधार पर उन्हें आपराधिक मुकदमे से प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) मिलनी चाहिए, जिसके तहत वे केस खारिज करने की मांग कर सकते हैं. अब उनके मामले की सुनवाई 17 मार्च को होने की संभावना है. तब तक वे संभवतः ब्रुकलिन जेल में ही बंद रहेंगे. 

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