Nepal Violence: नेपाल में क्यों भड़की हिंसा? Gen-Z लीडर ने बताई भ्रष्टाचार के अलावा बड़ी वजह

Nepal Violence: नेपाल में भड़की हिंसा अब धीर-धीरे शांति होती दिख रही है. सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. काठमांडू घाटी के तीन जिलों में निषेधाज्ञा बढ़ा दी है और कुछ निश्चित समयावधि के लिए लोगों की आवाजाही की अनुमति दे दी है. इस बीच Gen-Z नेता मीडिया के सामने आये और अपना बयान दिया. उन्होंने ये भी बताया कि वे आखिरी गुस्से में क्यों हैं और नेपाल में क्यों हिंसा भड़की?

Nepal Violence: नेपाल हिंसा पर Gen-Z नेता अनिल बनिया ने बताया, “हमने यह आंदोलन बुजुर्ग नेताओं से तंग आकर किया था. हमने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था, लेकिन राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने आगजनी की और फिर बुनियादी ढांचे में तोड़फोड़ की. ऑनलाइन सर्वेक्षणों के जरिए Gen-Z नेताओं ने सुशीला कार्की को वोट दिया. हम संविधान बदलने की कोशिश नहीं कर रहे, बल्कि उसमें जरूरी बदलाव करने की कोशिश कर रहे हैं. छह महीने के अंदर हम चुनाव लड़ेंगे.”

हम नेतृत्व संभालने में सक्षम नहीं हैं : Gen-Z नेता

Gen-Z नेता दिवाकर दंगल ने कहा, “हम नेतृत्व संभालने में सक्षम नहीं हैं और नेतृत्व संभालने के लिए हमें परिपक्व होने में समय लगेगा. हमें तोड़ने की कोशिश की जा रही है. पार्टी के कुछ सदस्यों को गलतफहमी है कि वे घुसपैठ करके फूट डाल सकते हैं. यह खून-खराबा आपकी (पुराने नेताओं) वजह से है. अगर लोग खून-खराबा शुरू करेंगे, तो वे बच नहीं पाएंगे. हम खून-खराबा नहीं चाहते. हम संसद भंग करना चाहते हैं, संविधान रद्द नहीं करना चाहते.”

देश के संरक्षक के रूप में सुशीला कार्की सर्वश्रेष्ठ विकल्प : Gen-Z नेता

Gen-Z नेता जुनल गदल ने कहा, “हमें देश के संरक्षक के रूप में सुशीला कार्की (नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश) को सर्वश्रेष्ठ विकल्प के रूप में चुनना चाहिए.” जेन-जेड नेता दिवाकर दंगल ने कहा, “हम यह आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ कर रहे हैं क्योंकि यह बड़े पैमाने पर फैला हुआ है.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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