Monkeypox अब ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी नहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की घोषणा

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम ग्रेब्रेयेसस ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने ट्वीट किया और लिखा, mpox के लिए आपातकालीन समिति ने मुलाकात की और सिफारिश की कि प्रकोप अब अंतरराष्ट्रीय पर कम हो चुका है और स्वास्थ्य आपातकाल का प्रतिनिधित्व नहीं करता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंकी पॉक्स को लेकर बड़ी घोषणा कर दी है. डब्ल्यूएचओ ने कहा, एमपॉक्स अब ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी नहीं है. इसकी घोषणा डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम ग्रेब्रेयेसस ने की.

टेड्रोस ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम ग्रेब्रेयेसस ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने ट्वीट किया और लिखा, mpox के लिए आपातकालीन समिति ने मुलाकात की और सिफारिश की कि प्रकोप अब अंतरराष्ट्रीय पर कम हो चुका है और स्वास्थ्य आपातकाल का प्रतिनिधित्व नहीं करता है. उन्होंने आगे लिखा, मैंने उस सलाह को स्वीकार कर लिया है, और मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि mpox अब वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल नहीं है.

Monkeypox के मामले कम होने पर डब्ल्यूएचओ ने खुशी जतायी

Monkeypox के मामले कम होने पर डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम ग्रेब्रेयेसस ने खुशी जतायी. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, हम वैश्विक स्तर पर एमपॉक्स के मामलों में कमी आने का स्वागत करते हैं. ये वायरस अफ्रीका समेत उन सभी रीजन्स में समुदायों को प्रभावित कर रहा है, जहां पर ट्रांसमिशन अभी भी अच्छी तरह से समझा नहीं गया है. सभी रीजन्स में यात्रा संबंधी मामले निरंतर खतरे को बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा, एचआईवी संक्रमित लोगों के लिए ज्यादा खतरा है.


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डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम ग्रेब्रेयेसस ने जागरुकता बनाये रखने की सलाह दी

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम ग्रेब्रेयेसस ने सभी देशों से Monkeypox को लेकर सतर्क रहने और जागरुक रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा, जोखिम का आकलन करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करें.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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