खालिस्तानियों ने खोजी पत्रकार मोचा बेजिरगन पर बोला हमला: मारपीट और फोन छीना, पत्रकार बोले- 'मैं कांप रहा हूं

Mocha Bezirgan Physically Assaulted: : वैंकूवर में खालिस्तानियों ने एक खोजी पत्रकार के साथ मारपीट की. फोन छीन लिए गए और शारीरिक से रूप से प्रताड़ित किया गया. कनाडाई खोजी पत्रकार मोचा बेजिरगन ने खालिस्तानी आतंकवादियों की क्रूरता और खौफनाक इरादों की पोल खोलकर रख दी. न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में पत्रकार ने कई राज खोले.

Mocha Bezirgan Physically Assaulted: शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने पर, कनाडाई खोजी पत्रकार मोचा बेजिरगन (Mocha Bezirgan) ने कहा, “यह सिर्फ 2 घंटे पहले हुआ था और मैं अभी भी कांप रहा हूं. मुझे कई खालिस्तानियों ने घेर लिया था, जो गुंडों की तरह व्यवहार कर रहे थे. उन्होंने मुझे धमकाया और मेरे साथ मारपीट की, और उन्होंने मेरे हाथ से मेरा फोन छीन लिया. यह एक ऐसे व्यक्ति ने किया, जो लंबे समय से ऑनलाइन मेरे खिलाफ अमानवीय भाषा का इस्तेमाल करके मुझे परेशान कर रहा था. मैं सिर्फ उस घटना की रिपोर्टिंग कर रहा था. जिसमें खालिस्तानी इंदिरा गांधी के हत्यारों सहित अपने तथाकथित शहीदों को सम्मानित करने के लिए एकत्र हुए थे. एक व्यक्ति मेरे पास आया और मुझसे सवाल पूछने लगा. वह मेरे चेहरे के बहुत करीब था. फिर, अचानक, 2-3 लोगों ने मुझे उसी तरह से घेर लिया, मेरे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं थी. मैं अपने कैमरे से गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग कर रहा था, क्योंकि मुझे लगा कि कुछ शारीरिक होने वाला है. मैंने अपने फोन से भी रिकॉर्डिंग शुरू कर दी. जैसे ही मैंने रिकॉर्डिंग शुरू की, उन्होंने अपना चेहरा दूसरी ओर कर लिया, लेकिन यह एक व्यक्ति मेरी ओर बढ़ता रहा, और फिर आखिरकार वह एक पल के लिए उसने मेरा फोन मेरे हाथ से छीन लिया…मेरे पास और भी फुटेज हैं जिन्हें मैं अपने चैनल पर अपलोड करने वाला हूं. वह पूरी परेड के दौरान मेरा पीछा करता रहा…वह ट्रेन स्टेशन तक मेरे पीछे-पीछे आया, और इस तरह मैं उस इलाके से चला गया.”

खालिस्तानी उग्रवाद सिख फॉर जस्टिस द्वारा होता है संचालित

खालिस्तानी उग्रवाद के बारे में पूछे जाने पर, कनाडाई खोजी पत्रकार मोचा बेजिरगन ने बताया, “यह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) द्वारा संचालित एक आंदोलन है. वे ही इसे संगठित कर रहे हैं, और अधिकांश समय, ये वही लोग होते हैं जो इन विरोध प्रदर्शनों में भाग लेते हैं, चाहे वह ओंटारियो, ब्रिटिश कोलंबिया, अमेरिका, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड में हो. वे भीड़ जुटाने के लिए स्थानीय गुरुद्वारों से लोगों को जुटाते हैं. मुझे लगता है कि हम अंडरग्राउंड हो रही घटनाओं को अनदेखा कर रहे हैं. ये लोग इंदिरा गांधी के हत्यारों का जश्न मनाते हुए अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग कर रहे हैं.

पीएम मोदी के जान को खतरा

खोजी पत्रकार ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया, G7 समिट में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जान को खतरा है. खालिस्तानियों ने उन्हें घात लगाकर मार डालने का प्लान बनाया है. मैंने उनसे पूछा कि क्या आप उनकी राजनीति को उसी तरह खत्म करने जा रहे हैं जैसे आपने इंदिरा गांधी की राजनीति को खत्म किया था? क्योंकि वे हत्यारों को अपने पूर्वज बताते हैं. वे कहते हैं कि हम इंदिरा गांधी के हत्यारों के वंशज हैं, और वे हिंसा के इन कृत्यों का महिमामंडन कर रहे हैं.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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