नेपाल में LPG संकट (Photo: X)

LPG Crisis : रसोई गैस के लिए मचा हाहाकार, नेपाल के लोगों की बढ़ी टेंशन

LPG Crisis : नेपाल में सड़क बंद होने से रसोई गैस की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. मुग्लिंग-नौबिसे सड़क बंद होने के बाद लोग गैस सिलेंडर के लिए घंटों भटक रहे हैं.

LPG Crisis : काठमांडू घाटी में रसोई गैस की कमी और बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि कई घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. गैस की सप्लाई पहले से ही अनिश्चित थी, लेकिन अब हालात और खराब हो गए हैं. इसका असर रेस्टोरेंट और छोटे होटल चलाने वालों पर भी पड़ा है. गैस नहीं मिलने से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है और कई संचालकों को डर है कि अगर कमी जारी रही, तो उन्हें अपना काम बंद करना पड़ सकता है. द काठमांडू पोस्ट ने इस संबंध में खबर प्रकाशित की है.

काठमांडू घाटी में गैस की कमी की बड़ी वजह मुग्लिंग-नौबिसे सड़क के कृष्णभीर हिस्से का बंद होना है. यह सड़क पृथ्वी हाईवे पर पड़ती है और काठमांडू तक जरूरी सामान पहुंचाने का मुख्य रास्ता है. सड़क बंद होने से राजधानी में जरूरी सामान की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. रसोई गैस की कमी के बीच एलपीजी रिफिलिंग प्लांट संचालकों ने प्रति सिलेंडर 100 से 105 नेपाली रुपये तक कीमत बढ़ा दी है. उनका कहना है कि वैकल्पिक रास्तों से गैस पहुंचाने में खर्च बढ़ गया है. फिलहाल खाली सिलेंडर देने पर भरे हुए सिलेंडर की सरकारी कीमत 2,060 नेपाली रुपये है.


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गैस के दाम बढ़ाने से बढ़ी चिंता

उपभोक्ता अधिकारों के लिए काम करने वाले लोगों ने भी इस बढ़ती कीमत पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि ऐसे समय में गैस के दाम बढ़ाना सही नहीं है, जब आम परिवार पहले से ही सिलेंडर लेने के लिए परेशान हो रहे हैं. नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक नागेंद्र साह को अपने एक बयान को लेकर लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा था कि रसोई गैस की कीमत अभी भी एक किलो बकरे के मांस से कम है. उनके इस बयान की सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच काफी आलोचना हुई.

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By अमिताभ कुमार

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