लेबनान में ईसाई मूर्ति से छेड़छाड़ कर फंसा इजरायली सैनिक, IDF ने मानी गलती, शुरू हुई जांच

Jesus Statue Vandalized: लेबनान में धार्मिक स्थल पर इजरायली सैनिक की शर्मनाक हरकत ने दुनिया को चौंका दिया है. पत्रकार यूनिस तिरावी के खुलासे के बाद बैकफुट पर आई इजरायली सेना ने अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई और मूर्ति की मरम्मत कराने का भरोसा दिया है। जानिए आखिर क्या है यह पूरा विवाद.

Jesus Statue Vandalized: लेबनान से एक ऐसी फोटो सामने आई है जिसने इंटरनेट पर बवाल मचा दिया है. इस फोटो में इजरायल का एक सैनिक ईसा मसीह (जीसस क्राइस्ट) की मूर्ति के साथ तोड़फोड़ करता दिख रहा है. यह घटना दक्षिण लेबनान के देबेल कस्बे की बताई जा रही है. फिलिस्तीनी पत्रकार यूनिस तिरावी ने सबसे पहले इस फोटो को अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल पर शेयर किया था. देखते ही देखते यह इमेज वायरल हो गई और लोग सैनिक की इस हरकत पर अपना गुस्सा जाहिर करने लगे.

IDF ने खुद की पुष्टि

शुरुआत में इजरायली सेना (IDF) ने इस फोटो की सच्चाई पर संदेह जताया था और कहा था कि वे इसकी जांच कर रहे हैं. लेकिन बाद में IDF के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदव शोशानी ने कन्फर्म किया कि फोटो असली है. उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया है कि फोटो में दिख रहा शख्स वाकई में उनका सैनिक है जो दक्षिणी लेबनान में ऑपरेशन के दौरान एक ईसाई धार्मिक प्रतीक को नुकसान पहुंचा रहा था.

सैनिक पर होगी सख्त कार्रवाई

इजरायली सेना ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है. सेना का कहना है कि वे इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं. IDF के मुताबिक, सैनिक का यह व्यवहार उनकी सेना के मूल्यों और नियमों के खिलाफ है. अब इस मामले की जांच नॉर्दर्न कमांड को सौंप दी गई है. सेना ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद इसमें शामिल लोगों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा.

मूर्ति ठीक कराने में मदद करेगा इजरायल

विवाद बढ़ता देख इजरायली सेना ने यह भी कहा है कि वे स्थानीय समुदाय की मदद करेंगे ताकि नुकसान हुई मूर्ति को फिर से ठीक किया जा सके. सेना ने स्पष्ट किया कि लेबनान में उनका मुकाबला हिजबुल्लाह से है, न कि वहां के आम लोगों या उनके धर्म से. उनका मकसद सिर्फ हिजबुल्लाह के ठिकानों को खत्म करना है और वे धार्मिक इमारतों या प्रतीकों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते.

इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा

सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर काफी नाराज हैं. यूजर्स का कहना है कि किसी भी धर्म के प्रतीक का अपमान करना गलत है. लोगों ने इसे संवेदनहीनता बताया है. वहीं कुछ लोग इस बात पर भी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक सैनिक ने जानबूझकर ऐसी हरकत क्यों की. राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर काफी चर्चा हो रही है.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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