Khaleda Zia Funeral: बांग्लादेश आज सिर्फ एक नेता को नहीं, बल्कि अपने इतिहास के एक बड़े दौर को विदा कर रहा है. देश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख रहीं बेगम खालिदा जिया अब इस दुनिया में नहीं रहीं. मंगलवार को 80 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया. उनके जाने के बाद ढाका से लेकर देश के कोने-कोने तक शोक की लहर है. सरकार ने सार्वजनिक छुट्टी घोषित की है और तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया गया है.
Khaleda Zia Funeral in Hindi: तीन दिन का राजकीय शोक और सार्वजनिक अवकाश
खालिदा जिया के निधन के बाद बांग्लादेश सरकार ने बुधवार से तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने मंगलवार को टीवी पर देश को संबोधित करते हुए 31 दिसंबर को सार्वजनिक अवकाश का ऐलान किया. इसके बाद लोक प्रशासन मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन जारी किया. नोटिफिकेशन के अनुसार, सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी, स्वायत्त और निजी कार्यालय बंद रहेंगे. हालांकि बिजली, पानी, गैस, फायर ब्रिगेड, अस्पताल, संचार और अन्य जरूरी सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी. सुप्रीम कोर्ट और बांग्लादेश बैंक ने भी छुट्टी की घोषणा की, जैसा कि द डेली स्टार ने रिपोर्ट किया.
आज नमाज-ए-जनाजा, पति के बगल में दफन
खालिदा जिया का नमाज-ए-जनाजा आज दोपहर 2 बजे ढाका के जातीय संसद भवन (जातीयो संसद भवन) के साउथ प्लाजा, माणिक मिया एवेन्यू पर होगा. इसके बाद उन्हें राजधानी के शेर-ए-बांग्ला नगर में उनके पति और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के मकबरे के पास दफन किया जाएगा.
जयशंकर होंगे शामिल
खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत भी आधिकारिक रूप से शामिल हो रहा है. भारत के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और BNP अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत सरकार और भारत की जनता का प्रतिनिधित्व करेंगे. यह बयान विदेश मंत्रालय ने जारी किया, जिससे साफ है कि भारत-बांग्लादेश रिश्तों में इस मौके को गंभीरता से देखा जा रहा है.
कौन पढ़ाएगा जनाजा, कैसे होगा कार्यक्रम
BNP नेताओं ने बताया कि खालिदा जिया की नमाज-ए-जनाजा बैतुल मुकर्रम राष्ट्रीय मस्जिद के खतीब पढ़ाएंगे. अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया BNP की ओर से नजरुल इस्लाम खान संभालेंगे. BNP महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने, द डेली स्टार के हवाले से कहा कि लोग अनुशासन बनाए रखें, आगे न बढ़ें, फोटो न लें और कार्यक्रम की गंभीरता को समझें. उन्होंने लोगों से खालिदा जिया के बेटे और BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारीक रहमान के लिए दुआ करने की अपील भी की. (Bangladesh Former First Female PM in Hindi)
पूरे राजकीय सम्मान और कड़ी सुरक्षा के बीच होगा अंतिम संस्कार
सरकार ने साफ किया है कि खालिदा जिया की अंतिम यात्रा पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगी. मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने बताया कि शव को एवरकेयर अस्पताल से संसद भवन तक लाया जाएगा, फिर नमाज-ए-जनाजा और दफन की प्रक्रिया होगी. द डेली स्टार के अनुसार, इस दौरान 10 हजार से ज्यादा पुलिस और आर्म्ड पुलिस बटालियन तैनात की गई है, जबकि सेना के जवान भी अहम जगहों पर मौजूद रहेंगे.
शव यात्रा का तय रास्ता, ट्रैफिक रहेगा प्रभावित
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने शव यात्रा का पूरा रास्ता तय कर दिया है. शव को एवरकेयर अस्पताल से 36 जुलाई एक्सप्रेसवे, कुरिल फ्लाईओवर, नेवल हेडक्वार्टर इलाका, कमाल अतातुर्क एवेन्यू, एयरपोर्ट रोड, मोहाखाली फ्लाईओवर, जहांगीर गेट और विजय सरणी से होते हुए संसद भवन के गेट नंबर-6 से साउथ प्लाजा लाया जाएगा. इन रास्तों पर ट्रैफिक रोका जाएगा और लोगों से सहयोग की अपील की गई है.
BNP का सात दिन का शोक
राजकीय शोक के साथ-साथ BNP ने सात दिन के पार्टी शोक का ऐलान किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता रूहुल कबीर रिजवी ने बताया कि देशभर में BNP दफ्तरों पर काले झंडे लगाए जाएंगे, नेता-कार्यकर्ता काले बैज पहनेंगे और हर दफ्तर में दुआ और शोक सभा होगी. खालिदा जिया के गुलशन स्थित आवास फिरोजा, नयापल्टन कार्यालय और जिला कार्यालयों में शोक पुस्तिकाएं रखी गई हैं.
गुलशन आवास पर अंतिम दर्शन
खालिदा जिया का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके गुलशन स्थित आवास फिरोजा लाया गया. यहां परिवार और करीबी लोगों ने अंतिम दर्शन किए. मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. इस दौरान उनके बेटे तारीक रहमान को शांत बैठे हुए देखा गया, हाथ में दुआ की किताब थी और माहौल बेहद भावुक था.
दुनिया भर से श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा कि वह खालिदा जिया के निधन से गहराई से दुखी हैं और उन्होंने 2015 में ढाका में हुई मुलाकात को याद किया. संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, अमेरिका, रूस और चीन ने भी संवेदना जताई. चीन के प्रधानमंत्री ली छ्यांग और विदेश मंत्री वांग यी ने संदेश भेजा, जबकि चीनी राजदूत याओ वेन ने तारीक रहमान से मिलकर संवेदना जताई. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, नेपाल, मलेशिया, मालदीव और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने खालिदा जिया को याद किया.
खालिदा जिया का राजनीतिक सफर
खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने तीन बार देश की कमान संभाली. सैन्य शासन के बाद लोकतंत्र की वापसी में उनकी बड़ी भूमिका रही. दशकों तक उन्होंने बांग्लादेश की राजनीति को दिशा दी. आज उनके जाने के साथ ही एक बड़ा राजनीतिक अध्याय बंद हो गया है.
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