जापान ने युद्धपोत पर तैनात की 100 किलोवाट की लेजर बंदूक, ड्रोन और मोर्टार राउंड भी हवा में होंगे नष्ट
Japan Laser Weapon: जापान ने JS असुका युद्धपोत पर 100-किलोवाट की फाइबर लेजर गन तैनात की है. यह ड्रोन, मोर्टार राउंड और दूसरे हल्के हवाई खतरों को नष्ट कर सकती है. यह सिस्टम 2018 से डेवलप किया जा रहा है और इसका एक प्रोटोटाइप फरवरी 2023 में ATLA (एक्विजिशन, टेक्नोलॉजी एंड लॉजिस्टिक्स एजेंसी) को दिया गया था. समुद्री परीक्षण फरवरी 2026 में होने वाले हैं. इसके मुख्य फायदे हैं इसका असीमित मैगजीन (जब तक बिजली उपलब्ध है) और कम ऑपरेटिंग लागत.
Japan Laser Weapon: जंग अब सिर्फ मिसाइल, तोप और गोलियों से नहीं लड़ी जा रही. अब मैदान में आ चुकी है रोशनी की ताकत. जापान ने ऐसा हथियार तैयार कर लिया है, जो गोली नहीं चलाता, बल्कि लेजर से दुश्मन को जला देता है. यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है. जापान ने 100 किलोवाट की ताकत वाला लेजर हथियार अपने एक बड़े युद्धपोत पर तैनात किया है, जो छोटे ड्रोन से लेकर मोर्टार जैसे खतरों को हवा में ही खत्म कर सकता है. जापान ने जिस सिस्टम को तैनात किया है, वह 100 किलोवाट ऊर्जा वाला लेजर हथियार है. इसे 6,200 टन वजनी युद्धपोत पर लगाया गया है. यह ताकत इतनी ज्यादा है कि यह धातु की सतह को भी जला सकती है. यह हथियार खास तौर पर छोटे ड्रोन, मोर्टार राउंड और हल्के हवाई खतरों को मार गिराने के लिए बनाया गया है.
Japan Laser Weapon in Hindi: 10 लेजर मिलकर बनते हैं एक घातक बीम
इस हथियार की खास बात यह है कि इसमें 10 अलग‑अलग लेजर लगे हैं. हर लेजर की ताकत 10 किलोवाट है. ये दसों मिलकर एक 100 किलोवाट का शक्तिशाली बीम बनाते हैं. यह बीम इतनी सटीक और केंद्रित होती है कि लक्ष्य पर लगातार पड़ते ही उसे जला देती है. यह सिस्टम फाइबर लेजर तकनीक पर आधारित है. इसमें रोशनी को एक खास तरह के ठोस फाइबर से गुजारा जाता है, जिसमें दुर्लभ तत्व मिले होते हैं. इसी फाइबर के अंदर रोशनी और ज्यादा ताकतवर होती जाती है और आखिर में एक बेहद तेज बीम के रूप में बाहर निकलती है.
Japan Laser Weapon Destroys Drones in Hindi: जेएस असुका युद्धपोत पर हुई तैनाती
2 दिसंबर को जापान की Acquisition, Technology and Logistics Agency (ATLA) ने आधिकारिक तौर पर बताया कि यह लेजर सिस्टम जेएस असुका टेस्ट शिप पर लगा दिया गया है. यह जहाज जापान मरीन यूनाइटेड के शिपयार्ड में पहुंचा था. सिस्टम को दो बड़े, 12 मीटर लंबे गोलाकार मॉड्यूल में पैक करके जहाज पर लगाया गया. अब इस लेजर हथियार को समुद्र में उतारकर परखा जाएगा. जानकारी के मुताबिक, इसके समुद्री परीक्षण 27 फरवरी 2026 के बाद शुरू होंगे. यह जानकारी जापानी नौसेना तकनीक पर नजर रखने वाले यूट्यूब अकाउंट एजीहच ने दी है.
2018 से चल रहा है विकास
इस लेजर हथियार पर काम साल 2018 से चल रहा है. फरवरी 2023 में इसे बनाने वाली कंपनी कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज ने इसका प्रोटोटाइप ATLA को सौंपा था. जहाज पर डॉकिंग के वक्त अधिकारियों ने बताया कि अगर पर्याप्त बिजली मिले, तो यह सिस्टम बिना रुके लगातार लक्ष्य पर हमला कर सकता है. अधिकारियों के अनुसार इस हथियार की सबसे बड़ी ताकत इसकी अनलिमिटेड मैगजीन है. यानी इसमें गोली या मिसाइल खत्म होने का डर नहीं है. जब तक बिजली है, तब तक हमला जारी रह सकता है. इसकी प्रति शॉट लागत भी पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम के मुकाबले बहुत कम है. (Japan Laser Weapon Destroys Drones Mortar Rounds in Hindi)
जमीन पर टेस्ट में साबित हुई ताकत
ATLA अधिकारियों ने बताया कि जमीन पर किए गए परीक्षणों में यह लेजर हथियार मोर्टार राउंड और बिना पायलट वाले ड्रोन के खिलाफ पूरी तरह सफल रहा है. यही वजह है कि अब इसे समुद्र में आजमाया जा रहा है. समुद्र में लेजर हथियार को ज्यादा मुश्किल हालात का सामना करना पड़ेगा. तेज हवा, नमी, पानी की भाप और हिलता हुआ जहाज इन सबके बीच लेजर को लगातार एक ही लक्ष्य पर टिके रहना होगा. साथ ही हवा में फैलाव और रोशनी के टकराव जैसी समस्याएं भी होंगी.
लेजर हथियारों की सीमाएं भी हैं
हालांकि लेजर हथियार भविष्य की तकनीक माने जाते हैं, लेकिन इनके सामने बड़ी चुनौतियां भी हैं. ये डायरेक्टेड एनर्जी सिस्टम होते हैं, जिन्हें बहुत ज्यादा बिजली और ठंडा रखने की जरूरत होती है. आम तौर पर फाइबर लेजर केवल 25 से 35 प्रतिशत तक ही प्रभावी होते हैं. जहाज पर इतनी बिजली और कूलिंग की व्यवस्था करना आसान नहीं होता. एशिया लाइव, के अनुसार ATLA अधिकारियों ने साफ किया है कि इस हथियार को पूरी तरह युद्ध में उतारने में अभी कई साल लगेंगे. लेकिन इन परीक्षणों से यह तय किया जाएगा कि भविष्य में इससे भी ज्यादा ताकतवर लेजर बनाकर मिसाइलों को हवा में ही रोका जा सकता है या नहीं.
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