वेनेजुएला के बाद जापान में डोली धरती, आया 7 की तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा नहीं

Japan Earthquake: जापान के इवाते प्रांत के पास 7.0 तीव्रता का भूकंप आया. आओमोरी के हाशिकामी में तेज झटके महसूस किए गए. हालांकि, राहत की बात है कि भूकंप की वजह से सुनामी की आशंका नहीं जताई गई है. प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.

Japan Earthquake: जापान में गुरुवार सुबह आए तेज भूकंप ने कई इलाकों को हिला दिया. इवाते प्रांत के तट के पास आए इस भूकंप के बाद आओमोरी प्रांत के हाशिकामी शहर में तेज कंपन महसूस किए गए. हालांकि अधिकारियों ने साफ किया कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है.  जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की और संबंधित मंत्रालयों व एजेंसियों को नुकसान, बचाव और राहत से जुड़ी सही जानकारी समय पर जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए. जापान में यह भूकंप वेनेजुएला में आए दोहरे भूकंप की तबाही के तुरंत बाद आया है.

जापानी मीडिया जापान टाइम्स के अनुसार, राजधानी टोक्यो में भी हल्के झटके महसूस किए गए. हालांकि, शुरुआती जानकारी के मुताबिक बड़े नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई. सरकारी प्रसारक एनएचके की फुटेज में हाचिनोहे शहर में सामान्य यातायात दिखाई दिया और ट्रैफिक सिग्नल भी काम करते नजर आए.

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने 7.0 तीव्रता दर्ज की

भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.0 दर्ज की गई. वहीं जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) ने भूकंप की तीव्रता 6.9 बताई और कहा कि सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है. जेएमए के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तरी इवाते क्षेत्र के पास समुद्र में था और इसकी गहराई करीब 50 किलोमीटर थी.

इवाते तट के पास आया भूकंप, हाशिकामी में महसूस हुए सबसे तेज झटके

प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी. उन्होंने लिखा, ‘आज सुबह करीब 7:30 बजे इवाते प्रांत के तट के पास भूकंप आया और आओमोरी प्रांत के हाशिकामी शहर में अधिकतम 6-अपर तीव्रता के तेज झटके महसूस किए गए. सुनामी का कोई खतरा नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जिन इलाकों में तेज कंपन महसूस किए गए हैं, वहां के लोग समान तीव्रता वाले और भूकंपों की संभावना को देखते हुए सतर्क रहें. अब से मैं विस्तृत रिपोर्ट लूंगी और आपदा प्रतिक्रिया की जिम्मेदारी संभालूंगी.’

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बनाया आपातकालीन दल

भूकंप के तुरंत बाद जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने संकट प्रबंधन केंद्र में प्रतिक्रिया कक्ष स्थापित कर दिया. साने ताकाइची ने कहा, ‘सरकार ने भूकंप के तुरंत बाद प्रधानमंत्री कार्यालय के संकट प्रबंधन केंद्र में प्रतिक्रिया कक्ष बनाया. संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों के महानिदेशक स्तर के अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई है. मेरे निर्देश पर नुकसान का आकलन, बचाव और राहत कार्यों के साथ जनता को समय पर और सटीक जानकारी देने के लिए पूरी तरह काम किया जा रहा है.’

6-अपर तीव्रता का मतलब क्या होता है?

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, 6-अपर स्तर के भूकंप में स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि लोग खड़े होकर चल नहीं पाते और उन्हें जमीन पर रेंगना पड़ सकता है. इस स्तर के झटकों में बिना सहारे रखा फर्नीचर गिर सकता है और घरों के अंदर सामान नुकसान पहुंचा सकता है.

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2011 की त्रासदी की याद आज भी ताजा

जापान को 2011 में आए 9.0 तीव्रता वाले विनाशकारी समुद्री भूकंप की याद आज भी डराती है. इस भूकंप के बाद आई सुनामी में करीब 18,500 लोगों की मौत हुई या वे लापता हो गए थे. इसी आपदा में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था.

इस साल 20 अप्रैल को भी इवाते प्रांत के पास प्रशांत महासागर में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था. इसके बाद अधिकारियों ने सोमवार को विशेष सलाह जारी करते हुए 8.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंपों के बढ़े खतरे की चेतावनी दी थी.

जापान में बार-बार आते हैं भूकंप

जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है. यह देश प्रशांत महासागर के किनारे स्थित ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में आता है और चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के ऊपर स्थित है. करीब 12.5 करोड़ आबादी वाला जापान हर साल सैकड़ों भूकंपों का सामना करता है. दुनिया के लगभग 18 प्रतिशत भूकंप जापान क्षेत्र में आते हैं. हालांकि अधिकतर भूकंप हल्के होते हैं, लेकिन नुकसान इस बात पर निर्भर करता है कि भूकंप कहां आया और धरती के अंदर उसकी गहराई कितनी थी.

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Published by: Anant Narayan Shukla

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