वेस्ट बैंक में फिलीस्तीनी वेयरहाउस पर इजरायली सेटलर्स का हमला, जला दीं गाड़ियां और खेत, पुलिस और सेना की कड़ी कार्रवाई

Israeli settlers attack in West Bank: मंगलवार को इजरायली सेटलर्स ने वेस्ट बैंक में एक फिलीस्तीनी वेयरहाउस में आग लगा दी और कुछ खेतों में भी नुकसान कर दिया. इन नई घटनाओं ने वेस्ट बैंक में पहले से ही तनाव में चल रहे माहौल को और भी भड़का दिया है. युनाइटेड नेशन की संस्था के अनुसार 2006 के बाद से अक्टूबर 2025 हिंसा का सबसे बड़ा महीना रहा है.

Israeli settlers attack in West Bank: इजरायली बस्तियों में हिंसा की नई घटनाओं ने वेस्ट बैंक के पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को और भड़का दिया है. संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने 2006 से इस क्षेत्र में हिंसा का रिकॉर्ड रखना शुरू किया था. उसने बताया कि अक्टूबर 2025 इजरायली बसने वालों (सेटलर्स) की हिंसा का सबसे भयावह महीना रहा है. ताजा मामला वेस्ट बैंक के एक बदू गांव का है, जहां कई इजरायली सेटलर्स ने फिलीस्तीनियों पर आगजनी हमला किया. हमलावरों ने मंगलवार को गांव के एक गोदाम और कृषि क्षेत्र को आग के हवाले कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए.

मंगलवार की घटनाओं के वीडियो फुटेज में टुलकरम के पूर्वी इलाके की पहाड़ियों पर मुखौटा पहने दर्जनों लोगों को देखा जा सकता है. बैत लिद नामक जगह पर एक फिलीस्तीनी गोदाम पर हमला किया गया, जहां ट्रकों में आग लगा दी गई. इसके अलावा, देइर शराफ नामक बदू गांव में तंबुओं में आग लगती हुई दिखाई देती है और पीछे से महिलाओं की चीखें सुनाई देती हैं.

अक्टूबर में बढ़ गए हमले

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी OCHA के अनुसार, अक्टूबर 2025 में ऐसे 264 हमले दर्ज किए गए जिनमें या तो लोग घायल हुए या संपत्ति को नुकसान पहुंचा. यह संख्या 2006 के बाद से किसी एक महीने में सबसे ज्यादा है. यह घटना हाल के महीनों में बढ़ती बस्ती-आधारित हिंसा की कड़ी है. यह मौसम विशेष रूप से जैतून की फसल का होता है. इसी मौसम में फिलीस्तीनी किसान अपने खेतों में लौटते हैं और इसी दौरान इजरायली बसने वालों के हमले अधिक देखने को मिलते हैं. 

इजराइली बस्तियों को माना जाता है अवैध

इजरायल ने 1967 के मध्य-पूर्व युद्ध के दौरान वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलेम पर कब्जा किया था. वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलेम में वर्तमान में करीब सात लाख यहूदी बसने वाले रहते हैं, जो लगभग 160 बस्तियों में फैले हुए हैं. वहीं, लगभग 33 लाख फिलीस्तीनी भी इन्हीं इलाकों में रहते हैं. अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, इजरायली बस्तियां अवैध मानी जाती हैं, हालांकि इजरायल इस व्याख्या को स्वीकार नहीं करता.

गाजा युद्ध के बाद से हमलों और बढ़ोतरी

अक्टूबर 2023 में गाजा युद्ध के शुरू होने के बाद से वेस्ट बैंक में हिंसा लगातार बढ़ रही है. फिलीस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में 1,003 फिलीस्तीनी इजरायली बलों या बसने वालों द्वारा मारे जा चुके हैं, इनमें उग्रवादी भी शामिल हैं. वहीं इजरायली सरकारी सूत्रों का कहना है कि इसी अवधि में 43 इजरायली नागरिक और सैनिक फिलीस्तीनी हमलों में मारे गए हैं.

फिलीस्तीनी प्राधिकरण ने कहा- डर और आतंक फैलाना मकसद

फिलीस्तीनी प्राधिकरण के मंत्री मुआय्यद शाबान, जो दीवार और बस्तियों के खिलाफ प्रतिरोध आयोग के प्रमुख हैं, ने कहा कि ये हमले डर और आतंक के जरिए एक शत्रुतापूर्ण माहौल पैदा करने के अभियान का हिस्सा हैं. वहीं इजरायल के सैन्य प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जामीर ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि सेना वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा पर नियंत्रण करने के लिए प्रतिबद्ध है. मंगलवार को टुलकरम शहर के पास हुई झड़पों के बाद इजरायली पुलिस और सेना ने कई सेटलर्स को गिरफ्तार किया. 

इजरायली सेना ने की कार्रवाई

इजरायली सेना के अनुसार, उसने अपने सैनिकों को तब मौके पर भेजा जब मुखौटा पहने इजरायली नागरिकों ने फिलीस्तीनियों पर हमला किया और इलाके में आगजनी की. इस घटना में चार फिलीस्तीनी घायल हुए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. जनरल जामीर ने अपने बयान में कहा, “हमें हाल की उन घटनाओं की जानकारी है जिनमें इजरायली नागरिकों ने फिलीस्तीनियों और इजरायलियों दोनों पर हमला किया है. मैं इन हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा करता हूं.” वहीं इजरायली पुलिस ने बताया कि चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है.

इजरायली एजेंसियों की सेटलर्स पर दुर्लभ कार्रवाई

मंगलवार का यह बड़ा हमला इजरायली कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सेटलर्स की हिंसा पर की गई दुर्लभ कार्रवाई मानी जा रही है. 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में हुए हमलों ने गाजा युद्ध को जन्म दिया, इसके बाद से वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा में भी भारी बढ़ोतरी हुई है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली मानवाधिकार संगठन येश दीन (Yesh Din) के अनुसार, 2005 से 2024 के बीच वेस्ट बैंक (पूर्वी यरूशलेम को छोड़कर) में इजरायली नागरिकों द्वारा फिलीस्तीनियों के खिलाफ किए गए अपराधों की 1,701 पुलिस जांचों में से 93.8% मामलों में कोई अभियोग (चार्जशीट) दाखिल नहीं किया गया और केस बंद कर दिए गए.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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