Donald Trump Iraq PM Meeting : पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी की एक बेहद महत्वपूर्ण कूटनीतिक यात्रा चर्चा में बनी हुई है. पिछले सप्ताह ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद इराक में आयोजित शहादत जुलूस में शामिल होने के महज कुछ ही दिनों बाद, पीएम जैदी सीधे वाशिंगटन पहुंचे. वहां उन्होंने ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से गर्मजोशी से मुलाकात की और दोनों देशों की दोस्ती की जमकर तारीफ की. यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब इराक के दो सबसे बड़े सहयोगियों अमेरिका और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव चरम पर है.
ईरान के कड़े विरोध के बावजूद ट्रंप से मिले जैदी
सऊदी अरब और अन्य मध्य-पूर्वी देशों में चल रही हलचल के बीच अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'एक्सियोस' की एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. न्यूज एजेंसी हिन्दुस्तान टाइम्स के हवाले से बताया गया कि दो अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान सरकार ने पीएम जैदी और उनकी टीम पर भारी दबाव बनाया था कि वे अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के रूप में वाशिंगटन न जाएं. इसके बावजूद, जैदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के फैसले पर अड़े रहे. अमेरिकी अधिकारी उनके इस कदम को "इराक फर्स्ट" नीति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के रूप में देख रहे हैं, जिसका मकसद ईरान पर इराक की निर्भरता को कम करना है.
ओवल ऑफिस में ट्रंप ने की इराकी पीएम की जमकर तारीफ
मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इराकी प्रधानमंत्री की जमकर तारीफ की. दोनों नेताओं के बीच बने बेहतरीन तालमेल को देखते हुए ट्रंप ने अचानक एक आधिकारिक लंच का भी आयोजन कर दिया. ट्रंप ने जैदी का स्वागत करते हुए कहा, "हमें एक नया और शानदार चैंपियन मिला है. वह एक महान योद्धा और अमेरिका के बड़े प्रशंसक रहे हैं." दिलचस्प बात यह रही कि जब राष्ट्रपति ट्रंप कैमरों के सामने ईरान पर और बड़े सैन्य हमले करने व नौसैनिक नाकाबंदी लगाने की बात कर रहे थे, तब इराकी पीएम जैदी उनके बगल में ही बैठे रहे. जिसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बहुत शक्तिशाली छवि माना जा रहा है.
इराक के लिए अमेरिका और ईरान के बीच संतुलन की बड़ी चुनौती
पिछले दो दशकों से हर इराकी प्रधानमंत्री की तरह अली अल-जैदी के सामने भी वाशिंगटन और तेहरान दोनों के साथ संबंध बनाए रखने की बेहद कठिन चुनौती है. व्हाइट हाउस का मानना है कि जैदी अपने पूर्ववर्ती नूरी अल-मलिकी की तरह पूरी तरह तेहरान पर निर्भर नहीं हैं. हालांकि, अपनी इस यात्रा के दौरान जैदी ने समझदारी दिखाते हुए ईरान का कोई जिक्र नहीं किया. उन्होंने अपना पूरा ध्यान अमेरिका के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने और इसी साल सितंबर में इराक से अमेरिकी सैनिकों की पूरी वापसी के मुद्दे पर केंद्रित रखा. एक वरिष्ठ इराकी नेता ने कहा कि अमेरिका से नजदीकी का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि इराक ईरान के खिलाफ जा रहा है.
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