Iran War Natanz Attacked: ईरान के मुख्य परमाणु संवर्धन केंद्र नतांज परमाणु संयंत्र को शनिवार को एक बार फिर हवाई हमले में निशाना बनाया गया. ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘मिजान’ के अनुसार, इस हमले के बाद किसी भी तरह का रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ. यह वही संयंत्र है, जिस पर युद्ध के पहले सप्ताह में भी हमला हुआ था और सैटेलाइट तस्वीरों में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा हुआ दिखा था. जून 2025 में भी अमेरिका ने इस जगह पर हमला किया था.
IAEA की निगरानी और जांच
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने कहा कि उसे नतांज संयंत्र के बाहर किसी भी तरह के रेडिएशन स्तर में वृद्धि का संकेत नहीं मिला है. एजेंसी इस घटना की जांच कर रही है.
इजराइल ने हमले तेज करने के दिए संकेत
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि आने वाले सप्ताह में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में ‘काफी वृद्धि’ होगी. उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, ‘अगले सप्ताह इजराइल और अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी शासन और उसके ढांचों पर हमलों की तीव्रता और बढ़ेगी.’
तेहरान और बगदाद में भी हमले
स्थानीय लोगों के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान में रातभर और सुबह तक भारी हवाई हमले जारी रहे. वहीं, इराक की राजधानी बगदाद में खुफिया मुख्यालय पर ड्रोन हमले में एक अधिकारी की मौत हो गई.
ईरान ने डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को बनाया निशाना
ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया में मौजूद अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे को निशाना बनाया. करीब 4,000 किलोमीटर दूर स्थित इस ठिकाने पर हमले ने संकेत दिया कि तेहरान के पास लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल क्षमता है, जो पहले अनुमान से कहीं अधिक है.
हालांकि, ब्रिटेन ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे नाकाम प्रयास बताया. यह स्पष्ट नहीं है कि मिसाइलें सैन्य अड्डे के कितने करीब तक पहुंचीं.
अमेरिका के मिले-जुले संकेत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया में सैन्य अभियानों को ‘धीरे-धीरे कम’ करने पर विचार कर रही है. हालांकि, इसके साथ ही अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त युद्धपोत और करीब 2,500 मरीन सैनिक तैनात करने की भी घोषणा की है. एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ये सैनिक पहले से मौजूद 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों में शामिल होंगे.
तेल बाजार और प्रतिबंधों पर असर
तेल की कीमतों में उछाल के चलते अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट देखी गई. इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल से लदे जहाजों पर लगे कुछ प्रतिबंध हटाने की घोषणा की, ताकि ईंधन कीमतों को नियंत्रित किया जा सके.
ब्रिटेन की प्रतिक्रिया और रणनीति
ब्रिटेन ने कहा कि ईरान द्वारा पूरे क्षेत्र में हमले करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित करना उसके और सहयोगियों के हितों के लिए खतरा है. हालांकि, ब्रिटेन सीधे अमेरिका-इजराइल के हमलों में शामिल नहीं है, लेकिन उसने अमेरिकी बमवर्षक विमानों को अपने ठिकानों के उपयोग की अनुमति दी है. डिएगो गार्सिया सहित ब्रिटिश बेस का इस्तेमाल सैन्य अभियानों में किया जा सकता है.
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ट्रंप का दावा: लक्ष्य के करीब अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘हम अपने उद्देश्यों को हासिल करने के बहुत करीब हैं, इसलिए हम ईरान के खिलाफ अपने बड़े सैन्य प्रयासों को कम करने पर विचार कर रहे हैं.’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की ईरान में जमीनी सेना भेजने की कोई योजना नहीं है, लेकिन सभी विकल्प खुले हैं.
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युद्ध का बढ़ता दायरा
पश्चिम एशिया में जारी यह संघर्ष अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. लगातार हमलों, सैन्य तैनाती और कूटनीतिक बयानों से साफ है कि यह टकराव अब क्षेत्रीय से वैश्विक असर वाला संकट बनता जा रहा है.
पीटीआई-भाषा के इनपुट के साथ.
