Iran Pakistan Mediation Failure: ईरानी पक्ष को अब पाकिस्तानी नेतृत्व के जरिए चल रहे इस कम्युनिकेशन चैनल पर भरोसा नहीं रहा है. SNN के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया एक ‘डिप्लोमैटिक डेडलॉक’ यानी कूटनीतिक गतिरोध में फंस गई है, जिससे कोई नतीजा नहीं निकल रहा.
मैसेज गया पर जवाब नहीं आया
SNN के एक एक्सपर्ट ने बताया कि तय प्लान के मुताबिक जनरल आसिम मुनीर तेहरान आए थे. उन्होंने ईरान का संदेश लिया और उसे अमेरिका तक पहुंचाना था. एक्सपर्ट का कहना है कि मुनीर ने मैसेज तो दे दिया होगा, लेकिन हाई-लेवल चर्चाओं के बाद भी अभी तक अमेरिका की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है कि उन्हें यह प्रस्ताव मंजूर है या नहीं.
एक्सपर्ट ने यहां तक कह दिया कि अगर जवाब आता भी है, तो मुनीर वापस इस्लामाबाद जाकर बैठ जाएंगे और दूसरा पक्ष (अमेरिका) इसे पूरी तरह ठुकरा देगा. इस कड़वाहट से साफ है कि शांति प्रक्रिया पूरी तरह रुक गई है.
ट्रंप ने दी ‘अल्टीमेटम’ वाली मोहलत
भले ही ईरान पाकिस्तान पर शक कर रहा हो, लेकिन इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर (युद्धविराम) को अचानक आगे बढ़ा दिया है. बुधवार देर रात ट्रंप ने घोषणा की कि उन्होंने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के ‘अनुरोध’ पर यह फैसला लिया है.
इससे पहले ट्रंप ने सीएनबीसी से बातचीत में कहा था कि उनके पास ज्यादा समय नहीं है और वे बमबारी शुरू कर सकते हैं. हालांकि, बाद में अपनी पोस्ट में उन्होंने ईरान सरकार को ‘बिखरा हुआ’ बताया और पाकिस्तान की बात मानकर सैन्य कार्रवाई टाल दी.
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शहबाज शरीफ बोले- शांति के लिए कोशिशें जारी रखेंगे
सीजफायर बढ़ने के बाद पीएम शहबाज शरीफ ने ट्रंप को शुक्रिया कहा. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान पर जो भरोसा जताया गया है, उसके दम पर वे शांति के लिए कोशिशें जारी रखेंगे. शरीफ ने यह भी कन्फर्म किया कि बातचीत का दूसरा दौर पाकिस्तान में होगा, लेकिन उन्होंने इसकी कोई फिक्स तारीख नहीं बताई. जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान इस समय अपनी डूबती साख बचाने के लिए समय मांग रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर बातचीत का कोई ठोस आधार नजर नहीं आ रहा है.
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