Iran Hormuz Strait: ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने नये प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे देश को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण के लिए एक नई कानूनी व्यवस्था बनाने की अनुमति मिल गई है.
प्रस्ताव को ईरानी संसद के पीठासीन मंडल के समक्ष पेश किया जाएगा
समिति के एक सदस्य ने बताया कि उसने 12-अनुच्छेद वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के बाद, प्रस्ताव को ईरानी संसद के पीठासीन मंडल के समक्ष पेश किया जाएगा. ताकि इस पर सार्वजनिक बहस हो सके.
संसद से मंजूरी मिलने के साथ ईरान को मिल जाएगा टोल वसूलने का कानूनी अधिकार
प्रेस टीवी के अनुसार अगर संसद इस कानून को मंजूरी दे देती है, तो ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से पर्यावरण और सुरक्षा सेवाओं के बदले शुल्क वसूलने का अधिकार मिल जाएगा.
कानून में जहाजों को गुरजने की अनुमति देना और प्रतिबंध लगाने का प्रावधान
इस कानून में यह भी तय किया जाएगा कि किस तरह के जहाजों को इस जलडमरूमध्य और इसके सुरक्षित गलियारों से गुजरने की अनुमति होगी. साथ ही, इसमें उन जहाजों पर प्रतिबंध लगाने के प्रावधान भी होंगे जो ईरान के विरोधी देशों से जुड़े हैं या उनके हैं.
होर्मुज स्ट्रेट पर क्या है मौजूदा स्थिति
ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले आवागमन पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है. हालांकि अमेरिका के साथ पहले दौर की वार्ता के बाद ईरान ने होर्मुज कुछ समय के लिए खोल दिया था. लेकिन जैसे ही बंदरगाहों पर अमेरिका ने नाकाबंदी की, ईरान ने फिर से होर्मुज को बंद कर दिया. वहां से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान ने गोलीबारी शुरू कर दी. जिसमें भारतीय ध्वज वाले जहाज भी शिकार हुए थे. जिसके बाद भारत ने हमले का कड़ा विरोध किया था.
नये कानून के अनुसार होर्मुज पार करने वाले जहाजों को रियाल में शुल्क का भुगतान करना होगा
नए कानून में यह शर्त रखी गई है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने वाले जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाना होगा. फिर उन्हें सेवाओं के बदले शुल्क का भुगतान ईरानी रियाल में करना होगा.
नये कानून को तोड़ा तो जहाज पर ईरान का होगा कब्जा
नये कानून में ये भी प्रावधान होगा कि होर्मुज स्ट्रेट में अगर कोई जहाज नियमों का उल्लंघन करता है, तो ईरान उसे जब्त कर लेगा. इसके अलावा जहाज में लदे माल के कुल मूल्य का 20 प्रतिशत हिस्सा भी ईरान जब्त कर लेगा.
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