Iran Retaliation against Israel US: मध्य पूर्व में जारी तनाव से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद में ईरान ने जवाबी कार्रवाई करना शूरू कर दिया है. अब यह केवल सीमित इलाकों तक नहीं रह गया है, बल्कि इसके दायरे में आम नागरिक, बड़े शहर और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र भी आ गए हैं. ईरान की एक मिसाइल ने रविवार को यरुशलम के पश्चिम में स्थित शहर बेत शेमेश को निशाना बनाया, जिसमें नौ इजरायली नागरिकों की मौत हो गई. वहीं एक अन्य हमले में अमेरिका के भी 3 सैनिकों की मौत हुई और 5 घायल हो गई.
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के बेत शेमेश में भारी जनहानि और व्यापक तबाही हुई. इस हमले में कई इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा और एक इमारत पूरी तरह ढह गई. अधिकारियों के अनुसार, कम से कम नौ इजरायली नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत एवं बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं. हमले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक भी सामने आई. रिहायशी इलाके में मिसाइल गिरने से पहले चेतावनी सायरन नहीं बजे, जिससे लोगों को बचने का मौका नहीं मिल सका. रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सेना और स्थानीय प्रशासन यह जांच कर रहे हैं कि बेत शेमेश में वायु रक्षा प्रणाली समय पर सक्रिय क्यों नहीं हो पाई.
इस ताजा हमले ने ईरान की उस सैन्य क्षमता को उजागर किया है, जिसके जरिए वह इजरायली शहरों के भीतर तक मिसाइल पहुंचाने में सक्षम है. इसके साथ ही इजरायल की बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था हर हमले को रोकने में पूरी तरह सक्षम नहीं है. इससे पहले भी तेल अवीव और अन्य क्षेत्रों में ऐसी ही कमजोरियां देखी जा चुकी हैं. विश्लेषकों के अनुसार, यह स्थिति इजरायली सरकार द्वारा लंबे समय से पेश की जा रही ‘अजेयता’ और पूर्ण नियंत्रण की छवि को गंभीर चुनौती देती है, खासकर ऐसे समय में जब तेहरान पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है.
वहीं, अमेरिकी सेना ने रविवार को कहा कि ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान के दौरान उसके तीन सैनिक मारे गए हैं, जबकि पांच अन्य ‘गंभीर रूप से घायल’ हैं. यूएस सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि ये घायल सैनिक ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का हिस्सा हैं, जिसे अमेरिका और इजरायल ने मिलकर शनिवार को ईरान के खिलाफ शुरू किया था. पोस्ट में यूएस सेंट्रल कमांड ने लिखा, ‘… कई अन्य सैनिकों को मामूली छर्रे लगने और झटके (कनकशन) आए हैं और उन्हें फिर से ड्यूटी पर लौटाने की प्रक्रिया चल रही है. बड़े स्तर के सैन्य अभियान जारी हैं और हमारी जवाबी कार्रवाई लगातार चल रही है.’
अमेरिकी सेना ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि सैनिक किस तरह मारे गए या घायल हुए. वहीं, ईरान की आईआरजीसी ने रविवार को दावा किया कि उसने मध्य पूर्व क्षेत्र में तैनात यूएसएस अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान पर अपडेट देते हुए यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा कि स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए सैनिकों के परिवारों के प्रति सम्मान रखते हुए हम अतिरिक्त जानकारी, जिसमें शहीद हुए जवानों की पहचान भी शामिल है, तब तक साझा नहीं करेंगे जब तक कि परिजनों को सूचित किए जाने के 24 घंटे पूरे नहीं हो जाते.’
इजरायल और अमेरिकी सेना पर हमलों के साथ-साथ ईरान की जवाबी कार्रवाई का असर खाड़ी देशों तक फैल गया है. द टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और कतर में गिरते मलबे और ड्रोन हमलों से नागरिक और व्यापारिक ढांचे को नुकसान पहुंचा है. दुबई, अबू धाबी और जेबेल अली जैसे प्रमुख इलाकों में आग, धुआं और चोटों की खबरें सामने आई हैं. इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र के पर्यटन और व्यापारिक केंद्रों की स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4
शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान और उसके नेतृत्व के खिलाफ संयुक्त हवाई हमले किए जाने के बाद, इस्लामिक शासन ने तेल अवीव और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ Operation True Promise 4 शुरू किया. तेहरान पहले ही चेतावनी दे चुका था कि अगर उस पर हमला किया गया तो वह पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा, जिन्हें वह ‘वैध लक्ष्य’ मानता है.
मध्य पूर्व में अमेरिका के आठ स्थायी सैन्य अड्डे और 11 अन्य सैन्य स्थल हैं, जिन्हें अमेरिकी रक्षा विभाग संचालित या प्रबंधित करता है. अब तक ईरान ने तेल अवीव के अलावा मध्य पूर्व में अमेरिका के सहयोगी देशों संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और कतर में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों पर हमले किए हैं.
ईरान के पास में 2,000 किलोमीटर तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं, साथ ही माना जाता है कि 80,000 शाहेद ड्रोन भी है, जिन्हें अपेक्षाकृत कम लागत वाले ‘आत्मघाती ड्रोन’ माना जाता है. इनकी मारक क्षमता के दायरे में क्षेत्र के अधिकांश अमेरिकी सैन्य अड्डे आते हैं.
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ये अमेरिकी-इजरायली हमले जिनेवा में तेहरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत के विफल होने के एक दिन बाद हुए. हमलों से पहले ईरान ने अपने संवर्धन कार्यक्रम को छोड़ने से इनकार कर दिया था. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ से कहा कि शनिवार को ईरान में ‘एक ही झटके में’ 48 नेताओं को मार गिराया गया. इसके साथ ही ईरान के सुप्रीम लीडर, उनके परिवार के कुछ सदस्य, आईआरजीसी के कमांडर और रक्षा मंत्री की भी मौत हो गई. इसके बाद ईरान ने जवाबी हमला करना शुरू किया.
