Iran Attack UAE: मिडिल ईस्ट संकट के बीच एक बार फिर यूएई पर असर पड़ा है. ईरान ने शनिवार को फुजैराह पोर्ट स्थित तेल भंडारण सुविधाओं पर ड्रोन से हमला किया. इससे इस रणनीतिक तेल टर्मिनल में भीषण आग लग गई. यह बंदरगाह दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारण और बंकरिंग केंद्रों में से एक माना जाता है और बताया जा रहा है कि इस पर कई ड्रोन से हमला किया गया.
ड्रोन हमले के बाद फुजैराह के तेल भंडारण क्षेत्र में आग भड़क उठी. ब्लूमबर्ग न्यूज के अनुसार, शनिवार सुबह हुए ड्रोन हमले और आग लगने की घटना के बाद फुजैराह बंदरगाह पर तेल लोडिंग की कुछ गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है.
फुजैराह मीडिया ऑफिस के बयान के अनुसार, सिविल डिफेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने तथा क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी. अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा की शुरुआत व्यक्तिगत जिम्मेदारी से होती है और नागरिकों, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तथा आवश्यक सेवाओं की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
फुजैराह बंदरगाह की अहमियत क्या है?
फुजैराह बंदरगाह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर ओमान की खाड़ी के किनारे और होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर स्थित है, इसलिए यह ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद रणनीतिक माना जाता है. इसकी यही स्थिति तेल निर्यात को जलडमरूमध्य की संभावित बाधाओं से बचाते हुए आगे बढ़ाने की सुविधा देती है. यूएई के पूर्वी तट पर स्थित यह सबसे बड़ा बंदरगाह है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बंकरिंग हब भी माना जाता है. इसी कारण यह खाड़ी क्षेत्र के तेल निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बेहद अहम केंद्र है.
इससे पहले फुजैराह प्रशासन ने बताया था कि एयर डिफेंस द्वारा ड्रोन हमलों को नाकाम करने के दौरान गिरे मलबे की वजह से तेल उद्योग से जुड़े कई इलाकों में आग लग गई थी. इसे आपातकालीन टीमों ने संभाला. रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के पास भी धमाकों और धुएं की खबरें सामने आईं, जबकि बुर्ज खलीफा के आसपास के टावरों के ऊपर धुएं के गुबार देखे गए.
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ईरान ने यूएई पर दागे हैं 1700 ड्रोन और मिसाइल
ईरान ने 28 फरवरी के बाद से यूएई के ऊपर कई हमले किए हैं. इनमें पाम जुमैरा, अबूधाबी एयरपोर्ट और अल दाफरा में अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है. यूएई ने इन हमलों के जवाब में केवल एयर डिफेंस का ही इस्तेमाल किया है. हालांकि, यूएई प्रत्यक्ष रूप से ईरान हमलों के लिए जिम्मेदार नहीं है, लेकिन ईरान यूएई के इंटरनेशनल एक्सपोजर की वजह से उस पर अटैक कर रहा है. यूएई का कहना है कि उसने अब तक 1700 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्ट किए हैं, जिनमें से अधिकतम हमलों को रोक लिया गया.
यूएई पर क्यों हमला कर रहा है ईरान
दरअसल, यूएई पर हमला करने की वजह से ईरान दुनिया भर में अपनी धमक दिखा सकता है. दुबई और अबूधाबी जैसे शहर फाइनेंशियल हब ही नहीं, बल्कि एशिया और यूरोप के लिए एक ट्रांजिट पॉइंट की तरह काम करता है. ऐसे में इन पर हमला करके ईरान वैश्विक व्यवस्था को हिला रहा है.
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भारत को मिली स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की छूट
मिडिल ईस्ट में इस यु्द्ध को अब तक 14 दिन से ज्यादा बीत चुका है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करके तेल और गैस संकट पैदा कर दिया है. हालांकि, भारत के लिए राहत की बात है कि उसे अपना तिरंगा झंडा लगाकर स्ट्रेट गुजरने की इजाजत दे दी है. 13 मार्च से अब तक भारत में दो जहाज एलएनजी लेकर आया है. आईएनएस शिवालिक और आईएनएस नंदा देवी से 46,000 मीट्रिक टन से ज्यादा गैस भारत 15 मार्च तक आ सकता है.
