ईरान में 47 दिनों से इंटरनेट ब्लैकआउट, 1104 हजार घंटे का रिकॉर्ड, करोड़ों लोग डिजिटल अंधेरे में

Iran Internet Blackout: ईरान ने इंटरनेट ब्लैकआउट का नया रिकॉर्ड बनाया है. देश में बीते 47 दिनों से इंटरनेट बंद है. इंटनरेट बैन होने से देश के 9 करोड़ से ज्यादा लोग पूरी दुनिया से कटे हुए हैं.

Iran Internet Blackout: ईरान लगातार डिजिटल रूप से दुनिया से कटा हुआ है. इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स (NetBlocks) के आंकड़ों के अनुसार वहां करीब 47 दिनों से इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है. लोगों को अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी नहीं मिल रही. ईरान में जनवरी 2026 में शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद हालात बिगड़े, नेट बंद कर दिया गया. फरवरी में अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद इंटरनेट पर पाबंदियां और सख्त कर दी गईं. बीते 47 दिनों से यानी करीब 1104 घंटों से ईरान में इंटरनेट बंद पड़ा है. इंटनरेट बैन होने से देश के करीब 93 मिलियन (9 करोड़ 30 लाख) लोग पूरी दुनिया से कट गए हैं.

ईरान ने तोड़ दिया सूडान का रिकॉर्ड

ईरान के इंटरनेट ब्लैकआउट ने सूडान का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स के आंकड़ों के अनुसार 2019 में सूडान में 37 दिनों तक इंटरनेट ब्लैकआउट किया गया था. ईरान से पहले यह किसी भी देश का अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट शटडाउन था.

संचार ठप, दुनिया से अलग-थलग पड़ा ईरान

ईरान में लगातार इंटरनेट बाधा ने लाखों लोगों के संवाद के साधनों को लगभग ठप कर दिया है. इससे सूचना का बड़ा संकट पैदा हो गया है. देश के अंदर कुछ नेटवर्क आंशिक रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म तक पहुंच बंद होने से हालिया संघर्ष और आंतरिक अशांति के बीच देश काफी हद तक अलग-थलग पड़ गया है.

सेंसरशिप का सबसे लंबा दौर

ईरान के अंदर इतना लंबा इंटरनेट शटडाउन हाल के समय में सरकारी डिजिटल सेंसरशिप का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है. 1104 घंटे तक कनेक्टिविटी बाधित रहना आंतरिक खराब हालत को दर्शा रहा है. वहीं, देश के भीतर डिजिटल सन्नाटा ऐसे समय में पसरा हुआ है जब कूटनीतिक और सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है.

इस्लामाबाद में शांति वार्ता फेल, नये दौर की बातचीत की उम्मीद

ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिनों का सीजफायर हुआ है, जो 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है. 11 और 12 अप्रैल को दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता की थी, लेकिन वो सफल नहीं रहा. अब एक और दौर की बातचीत की संभावना बन रही है. अगर हालात अनुकूल रहे, तो दोनों देश फिर से वार्ता की मेज पर बैठ सकते हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी अखबार न्यूयार्क पोस्ट से बातचीत में मंगलवार (14 अप्रैल) को संकेत दिया था कि पाकिस्तान में एक बार फिर ईरान-अमेरिका की बातचीत हो सकती है.

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Published by: Pritish Sahay

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