सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी

Iran Attack on US Embassy: ईरान ने अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाते हुए कुवैत और सऊदी अरब में हमला किया. इन हमलों में किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है. अमेरिका ड्रोन अटैक के बाद अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट के 15 देशों को छोड़ने का निर्देश जारी किया है.

Iran Attack on US Embassy: ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसा रहा है. ईरान मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाने के बाद अब उसके दूतावासों को निशाना बना रहा है. मंगलवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद और कुवैत में स्थित अमेरिकी दूतावासों पर ईरान ने ड्रोन हमले किए.  बढ़ते तनाव के बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी की और अपने नागरिकों से मिडिल ईस्ट के एक दर्जन से अधिक देशों से ‘तुरंत प्रस्थान’ करने को कहा है. एडवाइजरी में ‘गंभीर सुरक्षा जोखिमों’ का हवाला दिया गया है.

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार (3 मार्च) को ड्रोन हमला हुआ. अंतर्राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से पुष्टि की कि रियाद स्थित दूतावास परिसर में आग लग गई और धमाके की आवाज सुनी गई. सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला हुआ, जिससे सीमित आग लगी और इमारत को मामूली भौतिक नुकसान पहुंचा. अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, दूतावास ‘दो यूएवी (मानवरहित हवाई वाहन) से निशाना बनाया गया, जिन्होंने चांसरी की छत और उसकी परिधि को क्षतिग्रस्त किया.’ फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.

शुरुआती रिपोर्टों में यह उल्लेख नहीं किया गया है कि हमला किस समूह ने किया. अभी तक किसी भी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है.  सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस घटना को ‘सीमित आग’ बताया, जिससे ‘मामूली नुकसान’ हुआ. रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमले के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए.

कुवैत एंबेसी में भारी नुकसान हुआ

इससे पहले सोमवार को कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी तेहरान की ओर से दागे गए ड्रोन से हमला हुआ, राहत की बात रही कि दूतावास को कई ड्रोन से नुकसान पहुंचा. एफपी की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को दूतावास परिसर से धुआं उठते देखा. यह ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमलों का तीसरा दिन था. कुवैत में तैनात एक अन्य राजनयिक ने कहा कि हमले में दूतावास की इमारत सीधे निशाने पर ली गई. बाद में दूतावास ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ‘कुवैत के ऊपर मिसाइल और यूएवी (ड्रोन) हमलों का खतरा जारी है’ और लोगों से परिसर में न आने की अपील की.

ये भी पढ़ें:- अमेरिका-इजराइल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट पर किया हमला

15 मिडिल ईस्ट देशों को छोड़ दें अमेरिकी

इन हमलों के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए अमेरिकी नागरिकों से कई मध्य पूर्वी देशों को तुरंत छोड़ने की अपील की. उन्होंने लिखा, ‘मध्य पूर्व में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों के लिए: आपकी सुरक्षा और संरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. 2 मार्च को शाम 4 बजे (EST) अपडेट की गई इस एडवाइजरी में बहरीन, कुवैत, मिस्र, लेबनान, ईरान, ओमान, इराक, कतर, इजरायल, वेस्ट बैंक और गाजा, सऊदी अरब, सीरिया, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल हैं.

यह घटनाक्रम 28 फरवरी को कई ईरानी शहरों में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए समन्वित हवाई हमलों के बाद हो रहे हैं. इन हमलों में अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल ठिकानों और प्रमुख सरकारी ढांचे को निशाना बनाया गया था. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और चार वरिष्ठ सैन्य एवं सुरक्षा अधिकारियों की मौत हो गई थी. जवाब में ईरान ने इजरायल, बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन समेत पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगियों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिससे मध्य पूर्व में संघर्ष और व्यापक हो गया और नागरिकों तथा प्रवासियों के लिए खतरा बढ़ गया.

ये भी पढ़ें:- फ्रांस बढ़ाएगा परमाणु हथियार, मैक्रों ने नई न्यूक्लियर नीति का किया ऐलान, US से मिले झटके बाद लिया फैसला

4-5 हफ्ते तक जारी रह सकता है युद्ध- ट्रंप

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई चार से पांच हफ्तों तक चल सकती है, हालांकि जरूरत पड़ने पर वे इसे इससे अधिक समय तक जारी रखने के लिए भी तैयार हैं. उन्होंने सोमवार को वाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बयान दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपना सैन्य अभियान जारी रखेगा, ताकि ‘उस शासन की मिसाइल क्षमताओं, परमाणु महत्वाकांक्षाओं और आतंकवाद के समर्थन को समाप्त किया जा सके.’

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >