Quad Indo-Pacific Cooperation: जब दुनिया की नजरें संयुक्त राष्ट्र महासभा पर लगी थीं, वहीं भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो की मुलाकात ने भारत-यूएस रिश्तों में एक नई दिशा का संकेत दिया. यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक बातचीत नहीं थी, बल्कि दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर साझा दृष्टिकोण का प्रदर्शन थी.
Quad Indo-Pacific Cooperation: द्विपक्षीय रिश्तों की अहमियत
मुलाकात के दौरान, रुबियो ने भारत के व्यापार, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स और महत्वपूर्ण खनिजों में योगदान के लिए आभार व्यक्त किया. अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के बयान के अनुसार, उन्होंने स्पष्ट किया कि “भारत अमेरिका के लिए महत्त्वपूर्ण संबंध है और दोनों देशों का सहयोग इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा.” यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में आर्थिक तनावों, जैसे कि भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिकी टैरिफ, ने रिश्तों में खिंचाव पैदा किया था.
Quad के माध्यम से Indo-Pacific में सहयोग
दोनों नेताओं ने Quad ढांचे के तहत सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति जताई. Quad समूह, जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका शामिल हैं, एक साझा लक्ष्य के तहत मुक्त, खुले और समावेशी Indo-Pacific क्षेत्र को सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए काम करता है. इस बैठक ने यह साफ कर दिया कि Quad के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए दोनों देशों का दृष्टिकोण स्पष्ट है.
सोशल मीडिया पर नेताओं की प्रतिक्रियाएं
मुलाकात के बाद, रुबियो ने X पोस्ट में लिखा, “न्यूयॉर्क में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात हुई. हमने व्यापार, ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स और महत्वपूर्ण खनिजों समेत कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की ताकि भारत और अमेरिका दोनों के लिए समृद्धि सुनिश्चित हो.”
इसी तरह, जयशंकर ने अपनी X पोस्ट में कहा, “आज सुबह SecRubio से न्यूयॉर्क में मुलाकात अच्छी रही. हमारी बातचीत में वर्तमान द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे शामिल थे. हमने यह सहमति जताई कि महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रगति के लिए लगातार जुड़ाव बनाए रखना जरूरी है. हम संपर्क में रहेंगे.” यह बैठक न केवल भारत-यूएस संबंधों में नई ऊर्जा का संकेत है, बल्कि यह भी दिखाती है कि Quad के माध्यम से Indo-Pacific क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि के लिए दोनों देशों का साझा दृष्टिकोण मजबूत है. यह कदम उन आलोचकों के लिए भी जवाब है, जिन्होंने हाल ही में रिश्तों में अस्थिरता की भविष्यवाणी की थी.
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