India UK Relations : ब्रिटेन में राजनीतिक बदलाव के बीच भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के रिश्तों को लेकर बड़ी बात सामने आई है. दक्षिण एशिया के लिए ब्रिटेन के ट्रेड कमिश्नर और भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के मुख्य वार्ताकार हरजिंदर कंग ने भरोसा जताया है कि ब्रिटेन में नेतृत्व बदलने के बाद भी भारत के साथ व्यापार और राजनीतिक संबंध पहले की तरह मजबूत बने रहेंगे.
"भारत-यूके की साझेदारी दुनिया से अलग"
न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में हरजिंदर कंग ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों का संबंध साझा इतिहास, संस्कृति, लोकतंत्र, कानूनी व्यवस्था, भाषा और बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय से भी जुड़ा है. यही वजह है कि यह साझेदारी दुनिया के दूसरे देशों से अलग और बेहद खास है.
एंडी बर्नहैम भी भारत से मजबूत संबंध के पक्षधर
कंग ने कहा कि ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम, जिन्हें ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री बनने का मजबूत दावेदार माना जा रहा है, भी भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करने के पक्ष में हैं. उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी एंडी बर्नहैम से बातचीत हुई थी और वह भारत आने के इच्छुक थे. उनका उद्देश्य ग्रेटर मैनचेस्टर और भारत के बीच व्यापारिक एवं निवेश संबंधों को बढ़ाना था.
भारत के साथ मजबूत रिश्ते से यूके को क्या होगा फायदा
उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कीर स्टार्मर हों या ऋषि सुनक, सभी ब्रिटिश नेताओं की सोच भारत को लेकर लगभग एक जैसी रही है. उनका मानना है कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत आने वाले वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन सकता है. ऐसे में ब्रिटेन भारत के साथ मजबूत राजनीतिक और व्यापारिक साझेदारी बनाए रखना चाहता है.
फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट वर्षों की बातचीत का नतीजा
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति अमेरिका द्वारा हाल में लगाए गए टैरिफ या वैश्विक व्यापारिक तनाव की वजह से नहीं बनी. उनके मुताबिक, यह समझौता कई वर्षों से चल रही बातचीत का स्वाभाविक नतीजा था. जब दोनों देशों को लगा कि अब बातचीत अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, तब इस पर सहमति बनी.
इस प्रकार बनी ट्रेड पर अंतिम सहमति
कंग ने एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया. उन्होंने बताया कि भारत के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और उस समय के ब्रिटिश ट्रेड सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स ने लंदन के एक पार्क में टहलते हुए और एक-दूसरे को आइसक्रीम खिलाते हुए अंतिम सहमति बनाई और हाथ मिलाकर समझौते को अंतिम रूप दिया.
CETA लागू, ये मिलेंगे लाभ
गौरतलब है कि भारत और ब्रिटेन के बीच कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) 15 जुलाई से आधिकारिक रूप से लागू हो गया है. इस ऐतिहासिक समझौते पर जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान हस्ताक्षर हुए थे. इस समझौते से दोनों देशों के बीच हर साल करीब 25.5 अरब पाउंड का अतिरिक्त व्यापार बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही भारत के 90.2% निर्यात को ब्रिटेन में शून्य शुल्क (Zero Duty) का लाभ मिलेगा. इससे कपड़ा, ऑटोमोबाइल, व्हिस्की समेत कई क्षेत्रों में व्यापार को नई गति मिलने की संभावना है.
ये भी पढ़ें : भारत पर 100% टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका, लिंडसे ग्राहम ने दिया था 500 प्रतिशत का प्रस्ताव
