India-Moldova Deal : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मोल्दोवा की राजधानी चिसिनाउ में राष्ट्रपति माइया सांडू ने राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया. इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली राजकीय यात्रा है, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस अवसर पर दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने पर की चर्चा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राष्ट्रपति माइया सांडू के बीच हुई बैठक में भारत और मोल्दोवा के बीच सहयोग के सभी पहलुओं पर विस्तार से बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत बनाने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा भविष्य की नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया. राष्ट्रपति भवन के अनुसार यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और गहरी होती मित्रता का प्रतीक है.
व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर रहेगा विशेष जोर
संयुक्त प्रेस बयान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मोल्दोवा में उन्हें और उनके प्रतिनिधिमंडल को मिला गर्मजोशी भरा स्वागत बेहद सम्मानजनक है. उन्होंने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश बढ़ाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने तथा बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर सहमति जताई. साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और व्यापक बनाने की दिशा में भी चर्चा हुई.
यूरोप में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का अहम संकेत
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यह यात्रा यूरोप में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का महत्वपूर्ण संकेत है.भारत और यूरोपीय देशों/यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी सहयोग में हाल के वर्षों में तेजी आई है और जुलाई 2026 में हुए तीसरे भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) की बैठक में इसे नई ऊंचाइयां मिली हैं. मोल्दोवा के साथ यह नई पहल न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देगी, बल्कि व्यापार, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय सहयोग के नए अवसर भी पैदा करेगी. दोनों देशों ने भविष्य में नियमित संवाद और साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
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