कहीं पाकिस्तान की हालत तुर्की और म्यांमार जैसी न हो जाए… इमरान खान ने दी चेतावनी

इमरान खान ने कहा कि आज हम संवैधानिक इतिहास में एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां हम तुर्किये की तरह हो सकते हैं या एक और म्यांमार बन सकते हैं. सभी को यह चुनना होगा कि क्या वे संविधान, कानून के शासन और लोकतंत्र के साथ खड़े हैं, जैसा कि पीटीआई करता है, या एक भ्रष्ट माफिया, जंगल के कानून और फासीवाद के साथ.

इमरान खान ने अपने देश पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि पाकिस्तान को म्यांमार और तुर्की की तरह न बनने दें. उन्होंने कहा कि आज देश में ऐसे हालात हो गये हैं कि वो म्यांमार बन सकता है या तुर्की की तरह हो सकता है. उन्होंने लोगों से कहा है कि आज सभी को यह तय करना होगा कि देश में संविधान, कानून और लोकतंत्र का शासन होगा या भ्रष्ट माफिया का राज होगा.

पीटीआई सुप्रीमो ने कहा कि आज हम अपने संवैधानिक इतिहास में एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां हम तुर्किये की तरह हो सकते हैं या एक और म्यांमार बन सकते हैं. सभी को यह चुनना होगा कि क्या वे संविधान, कानून के शासन और लोकतंत्र के साथ खड़े हैं, जैसा कि पीटीआई करता है, या एक भ्रष्ट माफिया, जंगल के कानून और फासीवाद के साथ.

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हैं इमरान: गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान पर भ्रष्टाचार के कई आरोप है. बीते दिनों उनकी गिरफ्तारी को लेकर पाकिस्तान में जमकर हो-हल्ला और हिंसक झड़प देखने को मिली थी. इसके अलावा वो पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के तीखे आरोपों का भी सामना कर रहे है.

Also Read: विदेशों में भी बज रहा पीएम मोदी का डंका, ग्लोबल लीडर रेटिंग में नंबर वन, बने सबसे ज्यादा पसंदीदा नेता

बाजवा ने बनाया था दबाव: वहीं, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह भी दावा किया है कि तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने उन पर भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करने का दबाव बनाया था. खान ने दावा किया कि जनरल बाजवा चाहते थे कि मैं भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करूं. उन्होंने इसके लिए मुझ पर दबाव बनाया और हमारे रिश्ते खराब होने की एक वजह यह भी थी. खान ने कहा कि जनरल (सेवानिवृत्त) बाजवा ने पाकिस्तान के साथ जो किया वह दुश्मन भी नहीं कर सका. गौरतलब है कि बीते साल अविश्‍वास प्रस्‍ताव के जरिए सत्ता से बेदखल होने के बाद से ही इमरान खान का बाजवा के साथ टकराव हो रहा है.

भाषा इनपुट के साथ

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >