हूती विद्रोहियों ने मंगलवार (8 सितंबर ) तड़के सऊदी अरब के कई शहरों पर हमला किया. उन्होंने नागरिकों के ठिकानों और व्यापार से जुड़ी जगहों को निशाना बनाया. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जिसमें 73 लोग घायल हुए. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूतियों के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है.
सैनिकों की बजाय नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर हूती हमला
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने अबहा, जजान, नजरान और खमिस मुशैत शहरों में नागरिकों के ठिकानों और व्यापार से जुड़ी जगहों को निशाना बनाया. हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब यमन में हूतियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ रहा है.
गठबंधन ने दी कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन हूती मिलिशिया को रोकने के लिए पूरी दृढ़ता के साथ जरूरी सैन्य कार्रवाई करेगा. इस बयान से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में यमन और सऊदी अरब के बीच सैन्य तनाव और बढ़ सकता है.
सऊदी हमले के जवाब में हूती हमले
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इससे पहले हूती विद्रोहियों ने आरोप लगाया था कि सऊदी अरब ने यमन के उत्तरी प्रांत अल-जौफ में स्थित एक जेल को निशाना बनाया. हालांकि, इन आरोपों के संबंध में सऊदी पक्ष की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.
चार साल पुराना संघर्षविराम फिर टूटा
यमन में हूतियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच पिछले कई हफ्तों से लड़ाई तेज हो गई है. इस बढ़ते संघर्ष ने यमन के गृहयुद्ध में करीब चार साल से चले आ रहे संघर्षविराम को खत्म कर दिया है. ऐसे में सऊदी अरब पर ताजा हमले क्षेत्रीय तनाव को और गंभीर बना सकते हैं.
यमन संकट का असर पूरे क्षेत्र पर
यमन लंबे समय से गृहयुद्ध और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है. हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष का असर सिर्फ यमन तक सीमित नहीं रहा है. सऊदी अरब पर हुए ताजा हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने और दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई तेज होने से क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर खतरा मंडराने की संभावना है.
