Hezbollah Warns Israel: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच लेबनान पर इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 123 हो गई है, जबकि 683 लोग घायल हुए हैं. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि सोमवार से शुरू हुई इजरायली सैन्य कार्रवाई के दौरान ये हताहत हुए हैं. वहीं ईरान रेड क्रिसेंट सोसायटी के अनुसार एक सप्ताह से जारी लड़ाई में ईरान में अब तक 1,230 लोगों की मौत हो चुकी है. इसी दौरान इजरायल ने शुक्रवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के हिज्बुल्लाह नियंत्रित दक्षिणी इलाकों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए. रात के समय दक्षिणी उपनगरों में कई जोरदार धमाके और आसमान में चमक दिखाई दी. इसी दौरान हिज्बुल्लाह ने इजरायल के लोगों को उत्तरी सीमा से 5 किलोमीटर के भीतर स्थित कस्बों को खाली करने की चेतावनी दी है.
इजरायली हमलों के कारण लेबनान में बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन भी शुरू हो गया है. बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में स्थित घनी आबादी वाले दहियेह इलाके से हजारों लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं. इस इलाके में करीब पांच लाख लोग रहते थे और अब यहां के कई हिस्से लगभग खाली हो चुके हैं. कई विस्थापित परिवारों को समुद्र तटों और अस्थायी शिविरों में शरण लेनी पड़ी है.
हिज्बुल्लाह ने दी चेतावनी
तनाव के बीच हिज्बुल्लाह ने अपने संदेश में इजरायली नागरिकों को उत्तरी सीमा से पांच किलोमीटर के भीतर स्थित कस्बों को खाली करने की चेतावनी दी. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन ने कहा कि लेबनान की संप्रभुता, नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों का जवाब दिया जाएगा. वहीं, इजरायल का कहना है कि वह अपने सीमावर्ती कस्बों को खाली नहीं करेगा और उसने लेबनान में अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं ताकि सीमा के पास रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
यह संघर्ष उस समय और तेज हो गया जब इस सप्ताह की शुरुआत में हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हमला किया. इसके बाद इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों तथा दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में लगातार हवाई हमले शुरू कर दिए, जिससे इजरायल और ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के बीच टकराव फिर से भड़क उठा है. इजरायली सेना ने कहा कि उसने गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात में 26 चरणों में हमले किए, जिनमें हिज्बुल्लाह के कमांड केंद्रों और हथियार भंडार को निशाना बनाया गया.
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इजरायल ने कहां-कहां अटैक किया?
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक इजरायली लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों पर भी हमले किए. इनमें स्रीफा, ऐता अल शाब, टूलिन, अस सवाना और माजदल सेलेम शामिल हैं. इसके अलावा पूर्वी लेबनान के दूरिस शहर पर भी सुबह के समय एक हवाई हमला किया गया.
ईरान पर भी हुआ इजरायली अटैक
इजरायल ने लेबनान के साथ-साथ ईरान में भी हमलों की नई लहर शुरू की और राजधानी तेहरान में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया. इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि उसने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4’ की 21वीं लहर के तहत खैबर मिसाइलें तेल अवीव की ओर दागीं. संगठन के अनुसार यह मिसाइल और ड्रोन का संयुक्त हमला था, जिसमें तेल अवीव के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया.
ईरान ने भी किया जवाबी हमला
ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने इजरायल के रामत डेविड वायुसेना अड्डे, कुवैत के अल अदीरी सैन्य शिविर और इराक के एरबिल में स्थित अमेरिकी ठिकाने को भी निशाना बनाया. गार्ड्स के एक प्रवक्ता ने कहा कि इजरायल और अमेरिका के हमलों का जवाब देने के लिए जल्द ही नई रणनीतियां और हथियार इस्तेमाल किए जाएंगे. इस बीच कतर के अधिकारियों ने बताया कि रात में ईरानी ड्रोन ने अल उदीद वायुसेना अड्डे को निशाना बनाया, जो मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य ठिकाना माना जाता है. हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है.
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एक सप्ताह से जारी इस संघर्ष का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है. रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने इजरायल के अलावा खाड़ी क्षेत्र के कई देशों, साइप्रस, तुर्किये और अजरबैजान तक हमले किए हैं. वहीं हिंद महासागर में अमेरिका की एक पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास एक ईरानी नौसैनिक जहाज को डुबो दिया. नई दिल्ली में आयोजित रायसीना संवाद सम्मेलन में ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने कहा कि यह ईरान के लिए ‘अस्तित्व की लड़ाई’ है और जहां से भी अमेरिकी हमले होंगे, वहां जवाब देना जरूरी होगा.
