‘आजाद ईरान होगा तो…’, निर्वासित शहजादे रजा पहलवी का ऐलान- आतंकवाद को नहीं मिलेगा सहारा

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ‘आजाद ईरान’ का खाका पेश किया है. उन्होंने परमाणु सैन्य कार्यक्रम खत्म करने, आतंकवाद का समर्थन रोकने और अमेरिका सहित दुनिया से रिश्ते सामान्य करने का ऐलान किया. रजा पहलवी ने लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और शांतिपूर्ण ईरान की बात कही है.

ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की सरकार के खिलाफ आजादी की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी हैं. इसी बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने दुनिया भर में अपने समर्थकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मौजूदा इस्लामिक रिपब्लिक के दौर में ईरान को आतंकवाद, कट्टरपंथ और गरीबी से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन असल ईरान शांतिपूर्ण, समृद्ध और खूबसूरत है.

रजा पहलवी ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक से पहले वाला ईरान फिर से खड़ा होगा, जैसे ही मौजूदा व्यवस्था गिरेगी. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरानी जनता का साथ देने की अपील की और कहा कि धर्मनिरपेक्ष व लोकतांत्रिक सरकार बनने से देश की गरिमा लौटेगी.

‘आजाद ईरान’ को लेकर रजा पहलवी का विजन

रजा पहलवी के मुताबिक, आजाद ईरान अपना परमाणु सैन्य कार्यक्रम खत्म करेगा और आतंकी संगठनों को दिया जाने वाला समर्थन तुरंत रोकेगा. उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्रीय और वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग तस्करी और कट्टरपंथी विचारधाराओं से निपटेगा. उनका कहना है कि आजाद ईरान पड़ोसी देशों का मित्र बनेगा और क्षेत्र में स्थिरता लाने वाली ताकत के रूप में काम करेगा.

उन्होंने एक्स पर लिखा कि सरकार गिरने के बाद सुरक्षा और विदेश नीति में ईरान का परमाणु सैन्य कार्यक्रम खत्म होगा. आतंकवादी संगठनों का समर्थन तुरंत बंद होगा. आजाद ईरान क्षेत्रीय और वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग तस्करी और कट्टरपंथी इस्लामवाद से मुकाबला करेगा. ईरान क्षेत्र में स्थिरता लाने वाला मित्र बनेगा और वैश्विक सुरक्षा में जिम्मेदार भागीदार होगा.

अमेरिका और दुनिया के साथ संबंध फिर से बहाल होंगे

रजा पहलवी ने कहा कि अमेरिका के साथ रिश्ते सामान्य होंगे और अमेरिकी जनता से दोस्ती बहाल की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि आजाद ईरान इजराइल को मान्यता देगा और ईरान, इजराइल व अरब देशों को साथ लाने वाले क्षेत्रीय समझौतों को आगे बढ़ाएगा.

उनके मुताबिक, ईरान एक भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बनेगा, जहां नीतियां पारदर्शी होंगी और कीमतें स्थिर रहेंगी. लोकतांत्रिक ईरान अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाएगा, भ्रष्टाचार से लड़ेगा, व्यापार और निवेश के लिए अर्थव्यवस्था खोलेगा और अलगाव की जगह अवसरों को बढ़ावा देगा. उन्होंने कहा कि आजाद ईरान शांति, समृद्धि और साझेदारी की ताकत बनेगा.

रजा पहलवी कौन हैं?

रजा पहलवी ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस हैं और आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के सबसे बड़े बेटे हैं. वे 1960 में तेहरान में जन्मे थे. 1979 की इस्लामिक क्रांति से ठीक पहले उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण के लिए ईरान छोड़ दिया और इसके बाद उनका परिवार निर्वासन में चला गया.

तब से रजा पहलवी मुख्य रूप से अमेरिका में रहते हैं और ईरान में मौजूदा शासन के खिलाफ बदलाव और धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक ईरान की वकालत कर रहे हैं. वर्तमान में उनके पास ईरान में कोई राजनीतिक सत्ता नहीं है, लेकिन वे विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक सक्रियता को बढ़ावा देने में सक्रिय हैं.

हाल ही में रजा पहलवी ईरानियों से देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील कर रहे हैं. उन्हें कई लोग क्रांति के बाद ईरान में एकजुटता लाने वाले प्रतीकात्मक नेता के रूप में देखते हैं, लेकिन कुछ आलोचक उनके भविष्य में नेतृत्व की क्षमता को लेकर संदेह जताते हैं.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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