फिनलैंड ने जब्त किया रूस का कार्गो शिप, समुद्र के नीचे केबल को नुकसान पहुंचाने का लगाया आरोप

Finland Seizes Russian Cargo Ship: फिनलैंड ने बुधवार को गल्फ ऑफ फिनलैंड में हेलसिंकी और टालिन को जोड़ने वाली एक टेलीकॉम्युनिकेशन केबल को नुकसान पहुंचाने के संदेह में एक जहाज को जब्त किया है. यह कार्रवाई केबल में खराबी सामने आने के कुछ घंटे बाद की गई. फिनलैंड के अधिकारियों के अनुसार कब्जे में लिए गए जहाज का नाम Fitburg है, यह एक मालवाहक जहाज, जिसे रूस का बताया जा रहा है.

Finland Seizes Russian Cargo Ship: नए साल की शुरुआत के साथ ही यूरोप में एक नया सुरक्षा विवाद सामने आया है. फिनलैंड की पुलिस ने बुधवार को जानकारी दी कि गल्फ ऑफ फिनलैंड में एक मालवाहक जहाज को अपने कब्जे में लिया गया है. पुलिस का आरोप है कि इस मालवाहक जहाज ने हेलसिंकी और एस्टोनिया की राजधानी टालिन को जोड़ने वाली एक टेलीकम्युनिकेशन केबल को नुकसान पहुंचाया है. यह कार्रवाई केबल में तकनीकी खराबी सामने आने के कुछ ही घंटों बाद की गई.

क्षतिग्रस्त केबलों में फिनलैंड और एस्टोनिया को जोड़ने वाली प्रमुख अंडरसी लाइन भी शामिल है. अधिकारियों के मुताबिक, 132 मीटर लंबा यह मालवाहक जहाज सेंट विंसेंट एंड ग्रेनेडाइंस के झंडे के तहत पंजीकृत है. MarineTraffic के आंकड़ों के आधार पर पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यह जहाज रूस के सेंट पीटर्सबर्ग से रवाना हुआ था और इजरायल के हाइफा बंदरगाह की ओर जा रहा था.

फिनिश अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए जहाज का नाम Fitburg है. आशंका है कि इस जहाज ने बाल्टिक सागर में समुद्र के नीचे बिछी संचार केबलों को क्षति पहुंचाई. फिनलैंड इस पूरे मामले की जांच कर रहा है. जांच के दौरान अधिकारियों ने एक ऐसे जहाज को रोका, जिसकी एंकर चेन समुद्र की तलहटी पर घिसटती हुई पाई गई. पुलिस ने बताया कि जहाज पर मौजूद सभी 14 क्रू मेंबर हिरासत में लिए गए हैं और वे सभी रूसी नागरिक हैं.

रूसी जहाज पर अंडरसी केबल को नुकसान पहुंचाने का संदेह

यह केबल फिनलैंड की टेलीकॉम कंपनी एलिसा (Elisa) की है, जिसे अहम अंडरवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में देखा जाता है. एलिसा ने बुधवार तड़के अपने नेटवर्क में गड़बड़ी का पता लगाया और तुरंत फिनलैंड के अधिकारियों को सूचित किया. कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस नुकसान से उसकी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है, क्योंकि ट्रैफिक को वैकल्पिक रूट्स के जरिए रीरूट कर दिया गया था. पुलिस के अनुसार, केबल को नुकसान एस्टोनिया के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में हुआ.

जब संदिग्ध जहाज फिनलैंड के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में पाया गया, उस समय उसका एंकर समुद्र में नीचे डला हुआ था. इसके बाद हेलसिंकी पुलिस ने गंभीर आपराधिक नुकसान, ऐसे नुकसान की कोशिश और टेलीकम्युनिकेशन में गंभीर हस्तक्षेप से जुड़े संभावित अपराधों की जांच शुरू की. फिनिश बॉर्डर गार्ड के पेट्रोल जहाज और हेलीकॉप्टर की मदद से इस पोत को ट्रैक किया गया. जांच में पाया गया कि इसकी एंकर चेन समुद्र की सतह पर पड़ी हुई थी. इसके बाद जहाज को रुकने, एंकर उठाने और फिनलैंड के क्षेत्रीय जल में जाकर लंगर डालने का आदेश दिया गया.

‘संभावित आपराधिक मामला’

फिनलैंड पुलिस ने कहा है कि इस घटना को वे “गंभीर आपराधिक नुकसान, गंभीर नुकसान की कोशिश और संचार सेवाओं में बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप” के नजरिए से देख रहे हैं. डिप्टी प्रॉसिक्यूटर जनरल जुक्का राप्पे ने फिनिश ब्रॉडकास्टर Yle से बातचीत में बताया कि उन्होंने प्रारंभिक जांच के निर्देश दे दिए हैं, जिसे नेशनल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन अंजाम देगा. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी दुर्घटना की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है. इस मामले में एस्टोनिया समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है.

फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि देश हर तरह की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाए जाएंगे. उधर, एस्टोनियाई अधिकारी भी फिनलैंड के साथ मिलकर यह तय कर रहे हैं कि अलग से आपराधिक मामला दर्ज किया जाए या संयुक्त रूप से अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए.

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

हाल के वर्षों में बाल्टिक सागर क्षेत्र में ऊर्जा और संचार से जुड़े ढांचों, जैसे अंडरसी केबल और पाइपलाइनों, को नुकसान पहुंचने की कई घटनाएं सामने आई हैं. फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद से, कई विशेषज्ञ और राजनीतिक नेता ऐसी घटनाओं को पश्चिमी देशों के खिलाफ रूस द्वारा चलाए जा रहे कथित ‘हाइब्रिड वॉर’ से जोड़कर देखते हैं.

क्रिसमस डे 2024 को कुक आइलैंड्स में पंजीकृत तेल टैंकर Eagle S ने गल्फ ऑफ फिनलैंड में लगभग 90 किलोमीटर तक अपना एंकर घसीटते हुए पांच अंडरसी केबलों को नुकसान पहुंचाया था. अक्टूबर में हेलसिंकी की एक जिला अदालत ने यह कहते हुए मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया था कि उसके पास इस पर अधिकार क्षेत्र नहीं है. अदालत का मानना था कि सुनवाई जहाज के फ्लैग स्टेट या आरोपियों के मूल देशों जॉर्जिया और भारत में होनी चाहिए. फिनलैंड के अभियोजकों ने इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की है.

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