एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के प्रति रुख और सख्त दिखा. उन्होंने कहा कि ईरान को किसी तरह का लालच देकर नहीं मनाया जा सकता. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर बातचीत से बात नहीं बनी, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा. ट्रंप ने के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
"ईरान के साथ हमारी बातचीत अच्छी चल रही है। मुझे उम्मीद है कि कोई समझौता हो जाएगा. लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम फिर वही करेंगे जो दो दिन पहले कर रहे थे."- डोनाल्ड ट्रंप
सोमवार (27 जुलाई) को सऊदी अरब, जॉर्डन और इराक में ड्रोन हमलों की खबरें सामने आईं. इन घटनाओं ने यह चिंता बढ़ा दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल सीधे सैन्य कार्रवाई रुकी जरूर है, लेकिन पूरे क्षेत्र में तनाव अब भी कम नहीं हुआ है और हालात कभी भी फिर बिगड़ सकते हैं.
हवाई हमलों को रोक दिया अमेरिका ने
शनिवार (25 जुलाई) को अमेरिका ने ईरान पर करीब दो हफ्ते से चल रहे हवाई हमलों को रोक दिया. अमेरिकी अधिकारी और कई मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सेना के शीर्ष अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बताया कि हमलों से जितना सैन्य फायदा मिल सकता था, वह लगभग मिल चुका है. साथ ही, अब निशाना बनाने के लिए अहम सैन्य ठिकाने भी बहुत कम बचे हैं.
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रॉयटर्स से बात करने वाले एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने भी चिंता जताई थी कि लगातार हमलों की वजह से अमेरिकी सेना के हवाई हथियार (एयर म्यूनिशन) तेजी से कम हो रहे हैं. यही वजह थी कि सैन्य अभियान को फिलहाल रोकने की सलाह दी गई.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान ने बातचीत का रास्ता नहीं छोड़ा है. मध्यस्थ देशों के जरिए अब भी दोनों पक्षों के बीच मैसेज भेजे जा रहे हैं. हालांकि, उन्होंने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान ने खुद बातचीत शुरू करने की पहल की है.
