‘यौन अपराधी के घर डोनाल्ड ट्रंप ने उस लड़की के साथ घंटों बिताए…’ ई-मेल ने मचा दिया तहलका

Donald Trump Jefferey Epstein Files: अमेरिकी डेमोक्रेट सांसदों ने कुछ ऐसे ईमेल सार्वजनिक किए हैं, जिनसे ट्रंप के लिए नई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. इन ईमेल्स में दावा किया गया है कि ट्रंप ने एपस्टीन की एक पीड़िता के साथ उसके घर पर कई घंटे बिताए थे और उन्हें एपस्टीन की गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने जानबूझकर चुप्पी साधे रखी.

Donald Trump Jefferey Epstein Files: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं. इस बार मामला उनके पुराने परिचित और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा है. हाल ही में अमेरिकी डेमोक्रेट सांसदों ने कुछ ऐसे ईमेल सार्वजनिक किए हैं, जिनसे ट्रंप के लिए नई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. इन ईमेल्स में दावा किया गया है कि ट्रंप ने एपस्टीन की एक पीड़िता के साथ उसके घर पर कई घंटे बिताए थे और उन्हें एपस्टीन की गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने जानबूझकर चुप्पी साधे रखी. बुधवार को डेमोक्रेट्स के द्वारा जारी किए गए ईमेल से यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यौन शोषण के बारे में जानकारी थी और वे लड़कियों के बारे में निश्चित रूप से जानते थे.

यह एप्स्टीन की सहयोगी गिसलेन मैक्सवेल और लेखक माइकल वोल्फ को लिखे गए थे. डेमोक्रेट्स एप्स्टीन केस की पूरी फाइल सार्वजनिक कराने के लिए वोट की मांग कर रहे हैं. उनके द्वारा जारी किए गए अप्रैल 2011 के एक ईमेल में एप्स्टीन ने लिखा है,  “मैं चाहता हूं कि तुम समझो कि जो कुत्ता नहीं भौंका, वह ट्रंप है.” उसने आगे लिखा कि एक अज्ञात पीड़िता “मेरे घर पर उसके (ट्रंप) साथ घंटों बिताती थी… लेकिन उसका नाम कभी नहीं लिया गया.” इस पर मैक्सवेल ने जवाब दिया, “मैं भी इसके बारे में सोच रही थी…” ब्रिटिश सोशलाइट गिसलेन मैक्सवेल वर्तमान में एपस्टीन की सेक्स ट्रैफिकिंग में भूमिका के लिए 20 साल की सजा काट रही हैं, जबकि एपस्टीन ने 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में ‘आत्महत्या’ कर ली थी. 

क्या ट्रंप को नाबालिग पीड़िताओं की जानकारी थी?

इन ईमेल्स को हाउस ओवरसाइट कमेटी के आधिकारिक अकाउंट से जारी किया गया है, जिनमें कई बार ट्रंप का नाम आया है.  हाउस ओवरसाइट कमेटी के डेमोक्रेट्स ने कहा कि ये ईमेल डोनाल्ड ट्रंप और एप्स्टीन के जघन्य अपराधों के बारे में उनकी जानकारी को लेकर गंभीर सवाल उठाते हैं. यह ईमेल 2019 में एपस्टीन की गिरफ्तारी से कुछ महीने पहले भेजा गया था. इसमें उसने लेखक माइकल वोल्फ से कहा था कि ट्रंप उसकी नाबालिग लड़कियों के बारे में जानते थे. 31 जनवरी 2019 को माइकल वोल्फ को लिखे गए मेल में एप्स्टीन ने कहा, “ट्रंप ने कहा कि उसने मुझसे इस्तीफा देने को कहा था, लेकिन मैं कभी सदस्य नहीं था… बेशक वह लड़कियों के बारे में जानता था क्योंकि उसने गिसलेन से इसे रोकने को कहा था.”  

डेमोक्रेट्स का आरोप

डेमोक्रेट सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने कहा कि इन ईमेल्स से यह स्पष्ट हो गया है कि व्हाइट हाउस ने कई अहम जानकारियां छिपाईं. उन्होंने बताया कि एपस्टीन एस्टेट ने अब तक 23,000 से अधिक दस्तावेज जारी किए हैं, जिनकी जांच फिलहाल जारी है. यह खुलासा उस समय हुआ है जब ट्रंप प्रशासन ने चार महीने पहले एप्स्टीन मामले को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था और यह कहा था कि साझा करने के लिए अब कोई नई जानकारी नहीं है. ट्रंप ने अपने पूर्व मित्र और अब दिवंगत वित्तीय कारोबारी जेफ्री एप्स्टीन की सेक्स-ट्रैफिकिंग गतिविधियों में किसी भी तरह की संलिप्तता या जानकारी होने से इनकार किया है. हालांकि अब तक ट्रंप पर एप्स्टीन या गिसलेन मैक्सवेल से जुड़े किसी भी आपराधिक मामले में आरोप नहीं लगाया गया है.

रिपब्लिकन ने भी जारी किए दस्तावेज

रिपब्लिकन सांसदों ने भी दिन में एपस्टीन से जुड़े 20,000 दस्तावेज जारी किए, जिनमें ट्रंप का नाम कई बार आता है ज्यादातर उनके राजनीतिक करियर या यौन व्यवहार के आरोपों से जुड़ा हुआ. एक बातचीत में एपस्टीन ने 1993 में अपनी 20 वर्षीय गर्लफ्रेंड को डोनाल्ड को देने की बात कही थी और मेरे किचन में बिकिनी पहनी लड़कियों के साथ डोनाल्ड की तस्वीरों का जिक्र किया था. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह मजाक कर रहा था या नहीं.

ट्रंप ने शटडाउन से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप

बुधवार को ट्रंप ने डेमोक्रेट्स पर आरोप लगाया कि वे इन ईमेल्स को जारी करके सरकारी शटडाउन से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखा, “डेमोक्रेट्स फिर से जेफ्री एपस्टीन के फर्जी मामले को उठा रहे हैं, क्योंकि वे सरकार के शटडाउन और बाकी मुद्दों पर अपनी नाकामी से ध्यान हटाना चाहते हैं.”

व्हाइट हाउस का बयान: ‘ट्रंप ने कुछ गलत नहीं किया’

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि डेमोक्रेट्स ने ईमेल्स में पीड़िता का नाम इसलिए छिपाया है क्योंकि वह वर्जीनिया जियूफ्रे थीं, जिन्होंने अप्रैल में आत्महत्या की थी. उन्होंने अपनी मरणोपरांत किताब में ट्रंप को मित्रवत बताया था लेकिन किसी भी तरह के गलत काम का आरोप नहीं लगाया था. लेविट ने कहा, “इन ईमेल्स से यह साबित होता है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ भी गलत नहीं किया.”

ट्रंप और एपस्टीन की पुरानी जान-पहचान

डोनाल्ड ट्रंप और जेफ्री एपस्टीन की दोस्ती 1980 के दशक से रही है. दोनों अक्सर पार्टियों और सामाजिक आयोजनों में साथ दिखते थे. एपस्टीन कई बार ट्रंप के मार-ए-लागो क्लब में मेहमान के रूप में ठहर चुका था. हालांकि बाद के वर्षों में दोनों के रिश्ते बिगड़ गए थे, लेकिन अब सामने आए ये ईमेल्स ट्रंप की पुरानी नजदीकियों और संभावित जानकारी पर नए सवाल खड़े कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें:-

वेस्ट बैंक में फिलीस्तीनी वेयरहाउस पर इजरायली सेटलर्स का हमला, जला दीं गाड़ियां और खेत, पुलिस और सेना की कड़ी कार्रवाई

साफ तौर पर आतंकी हमला… जांच में भारत को US की जरूरत नहीं, दिल्ली विस्फोट पर क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री

पाकिस्तान में अब सैन्य लोकतंत्र, आसिम मुनीर के हाथ में देश का फुल कंट्रोल, संसद से पास हुआ 27वां संविधान संशोधन विधेयक

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >