क्या ईरान पर होगा न्यूक्लियर अटैक? डोनाल्ड ट्रंप बोले- ईरान समय गंवा रहा है

Nuclear Strike : क्या ईरान पर न्यूक्लियर अटैक किया जाएगा? यह सवाल जब डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का कोई मतलब नहीं है. उन्होंने बताया कि ईरान को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है और उसे बहुत कमजोर किया जा चुका है.

Nuclear Strike : व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहे तनाव में न्यूक्लियर वेपन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. उनका कहना है कि अमेरिकी सेना के हमलों से ईरान को बहुत नुकसान पहुंच चुका है. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि मैं न्यूक्लियर वेपन क्यों इस्तेमाल करूंगा? हमने बिना इसके ही उन्हें पूरी तरह कमजोर कर दिया है.

उन्होंने आगे कहा कि परमाणु हथियार ऐसा है जिसे किसी को भी इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए. कूटनीतिक मोर्चे पर डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया कि वो तेहरान के साथ जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करना चाहते. उनका कहना है कि उनका फोकस जल्दी डील करने पर नहीं, बल्कि एक मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाले समझौते पर है. ऐसा इसलिए ताकि आगे बार-बार टकराव की नौबत न आए.

ईरान को  कर दिया गया है तबाह : ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि हालिया दो हफ्ते के सीजफायर के दौरान ईरान ने शायद अपनी सेना को दोबारा मजबूत करने की कोशिश की हो, लेकिन अमेरिका इसे जल्दी ही फिर से कमजोर कर सकता है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान की नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम को काफी हद तक तबाह कर दिया गया है.

Bush US सेंट्रल कमांड के ऑपरेशन एरिया में पहुंचा

इसी बीच, USS George H.W. Bush अब US सेंट्रल कमांड के ऑपरेशन एरिया में पहुंच गया है. इससे इलाके में तैनात अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की संख्या तीन हो गई है. फिलहाल यह हिंद महासागर में मौजूद है. वहीं USS Abraham Lincoln अरब सागर में तैनात है और USS Gerald R. Ford लाल सागर में मौजूद है. यह तैनाती ऐसे वक्त हुई है जब इलाके में तनाव के बीच हालात थोड़े शांत जरूर हैं, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है.

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Bush विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) मार्च के आखिर में नॉरफोक, वर्जीनिया से रवाना हुआ था. पहले उसने अटलांटिक पार किया और फिर आम रास्ते की बजाय अफ्रीका के हॉर्न के दक्षिणी रास्ते से होते हुए मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ा. यह थोड़ा अलग और असामान्य रूट माना जाता है.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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