ट्रंप की हत्या की साजिश हो रही थी? पुलिस ने वेस्ट वर्जीनिया की महिला मॉर्गन मॉरो को किया गिरफ्तार

Donald Trump Assassination Plot: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित हत्या की साजिश में एक महिला मॉर्गन एल. मॉरो को गिरफ्तार किया गया. वह वेस्ट वर्जीनिया की रहने वाली है. उसने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसमें जांच अधिकारियों ने ट्रंप पर हमले का अंदेशा माना.

Donald Trump Assassination Plot: वेस्ट वर्जीनिया के रिप्ले शहर में एक 39 वर्षीय महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया है. उस पर आरोप है कि उसने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने की कोशिश की. इसके लिए लोगों को साथ जोड़ने का प्रयास किया. जैक्सन काउंटी शेरिफ विभाग के अनुसार, महिला ने कथित तौर पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल इस योजना के लिए लोगों को जोड़ने के लिए किया. पुलिस ने आरोपी की पहचान 39 वर्षीय मॉर्गन एल. मॉरो के रूप में की है. 

अधिकारियों का कहना है कि उसने इंटरनेट पोस्ट के जरिए “व्यक्तियों को ट्रंप का पीछा करने और उन्हें assassinate (हत्या) करने” के लिए भर्ती करने का आरोप है. यानी उसने लोगों को ट्रंप पर नजर रखने और उनकी हत्या करने के लिए उकसाने की कोशिश की. उस पर “आतंकवादी धमकी” (टेररिस्टिक थ्रेट) से जुड़ा एक आपराधिक आरोप लगाया गया है. फिलहाल उसे साउथ सेंट्रल रीजनल जेल में रखा गया है.

सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुई जांच

अधिकारियों के मुताबिक, 25 जनवरी 2026 को उन्हें एक संदिग्ध हिंसक धमकी की सूचना मिली थी. यह धमकी किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ मानी जा रही थी. DC News Now की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि यह संदेश एक पब्लिक TikTok अकाउंट से पोस्ट किया गया था, जो कथित रूप से मॉरो का था.

शिकायत के मुताबिक, TikTok पोस्ट में यह वाक्य लिखा था, ‘Surely a sn!per [sniper] with a terminal illness can’t be a big ask out of 343 million (अमेरिका की बड़ी आबादी में से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे स्नाइपर के लिए यह काम कोई बड़ी बात नहीं).’ अधिकारियों ने पोस्ट के कंटेंट, संदर्भ और शब्दों का रिव्यू किया. उन्होंने इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या को बढ़ावा देने और उकसाने वाला संदेश माना. 

शिकायत में अधिकारियों ने कहा कि मॉरो ने यह जरूर कहा कि वह खुद किसी हिंसक घटना को अंजाम देने की योजना नहीं बना रही थी. फिर भी, ऐसे बयान दूसरों को हिंसक कदम उठाने के लिए प्रेरित या उकसा सकते हैं, इसलिए उन्हें गंभीरता से लिया जाता है.

घर से हिरासत में लिया गया

शिकायत के अनुसार, जैक्सन काउंटी डिप्टी, काउंटी ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशंस और रैवेंसवुड पुलिस विभाग की टीम मॉरो के घर पहुंची. वहां से उसे हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए शेरिफ कार्यालय ले जाया गया. मिरांडा अधिकार पढ़कर सुनाए जाने के बाद मॉरो ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि TikTok पर पोस्ट उसी ने किया था. उसने यह भी माना कि यह संदेश राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ एक धमकी के रूप में लिखा गया था. हालांकि, उसने अपने निजी कारणों का खुलासा नहीं किया.

शेरिफ आर.एच. मेलिंजर ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक मामले की जांच के तहत की गई है. उनके अनुसार, जांच के दौरान ऐसे सबूत मिले जो चिंता पैदा करने वाले थे. शिकायत के अनुसार, मॉरो ने अधिकारियों को बताया कि राष्ट्रपति को नुकसान पहुंचाने की उसकी ‘व्यक्तिगत वजहें’ थीं, लेकिन उन वजहों का खुलासा नहीं किया गया. शेरिफ विभाग ने फेसबुक पर जारी बयान में कहा कि जांच अभी जारी है. अधिकारियों ने कहा है कि आगे और जानकारी बाद में साझा की जाएगी.

कौन है मॉर्गन मॉरो?

सोशल मीडिया पर Libs of TikTok द्वारा शेयर की गई कुछ पोस्ट्स के मुताबिक, मॉरो जैक्सन काउंटी पब्लिक लाइब्रेरी में लाइब्रेरियन के तौर पर काम करती हैं. Libs of TikTok ने मॉरो के फेसबुक प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. ऑनलाइन साझा किए गए स्क्रीनशॉट्स में उनके प्रोफाइल पर ग्राहक सेवा में अनुभव और लंबे समय तक पूर्णकालिक माँ रहने का जिक्र था. उनकी पढ़ाई मैरीएटा हाई स्कूल से बताई गई है. मॉरो की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद जैक्सन काउंटी पब्लिक लाइब्रेरी ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह उनकी कर्मचारी थी. लाइब्रेरी प्रशासन ने कहा कि वे इस मामले की आंतरिक समीक्षा कर रहे हैं. 

अमेरिका में लोगों में नाराजगी क्यों है?

मॉरो की गिरफ्तारी मिनियापोलिस में 37 वर्षीय नर्स एलेक्स प्रेटी की हत्या के कुछ ही घंटे बाद हुई. प्रेटी की फेडरल एजेंट (ICE) द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. ये इस महीने मिनियापोलिस में इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा किसी नागरिक की दूसरी हत्या थी. इससे पहले रेने गुड नामक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके अलावा ICE अधिकारी लोगों को पकड़ने के लिए बच्चों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं. इसकी अमेरिका में काफी आलोचना हो रही है. मिनिसोटा में तो लोगों ने इसके खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन भी किया है. 

ये भी पढ़ें:- मिडिल ईस्ट पहुंचा US एयरक्राफ्ट कैरियर, ईरान तनाव के बीच अमेरिका ने तैनात किए 3 युद्धपोत, क्या होगी जंग?

ये भी पढ़ें:- चीनी सेना का टॉप जनरल बेच रहा था देश का न्यूक्लियर प्लान! जिनपिंग ने हटाया, क्या तख्तापलट की थी साजिश? ट्रंप का क्या रोल?

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >