कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा त्रस्त देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कह कर हैरान कर दिया कि वो एंटी मलेरिया दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा का सेवन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वो करीब 15 दिन से इस दवा का सेवन कर रहे हैं. दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को कोरोना मरीजों के इलाज में इसे कारगर मानते हैं, मगर इस दवा के प्रभाव पर कई सवाल भी खड़े हुए हैं.
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इस दवा का इस्तेमाल मलेरिया के इलाज में किया जाता है. लेकिन ये दवा के कोरोना वायरस के कारगर है नहीं, अब तक इस बात के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं. बता दें कि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी एफडीए की ओर से अस्पताल के बाहर इसके इस्तेमाल की सख्त मनाही है, जबकि अमेरिका ने आपात स्थित में इसके इस्तेमाल की मंजूरी दी है.
इसके अधिक इस्तेमाल से दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा है. भारत में भी इस दवा को लेकर कई तरह के दिशा निर्देश स्वास्थय मंत्रालय की ओर से जारी हए हैं. गौरतलब है कि पिछले महीने भारत ने ट्रंप के अनुरोध पर कोरोना मरीजों के इलाज के लिए हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट की खेप की सप्लाई की थी.
अमेरिका में 90 हजार से ज्यादा की मौत
अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से अब तक 90 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक़, यहां कोरोना संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 90,338 है. यह दुनिया के किसी भी और देश से अधिक है. वहीं कुल संक्रमित लोगों की संख्या यहां 15 लाख के पार पहुंच गई है.
अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की आलोचना की है और कहा है कि संगठन कोरोना महामारी के बारे में पहले से चेतावनी देने में नाकाम रहा जिस कारण हज़ारों लोगों को जान गंवानी पड़ी. इसके उत्तर में संगठन के निदेशक टेड्रॉस एडहॉनम गेब्रीयेसुस ने कहा है कि संगठन से वक्त रहते चेतावनी जारी की थी और एक बार नहीं बल्कि कई बार देशों को कोरोना के बारे में चेताया था.
