Coronavirus : थाईलैंड ने भारत समेत 18 देशों से आने वालों का वीजा किया रद्द

Coronavirus के बढ़ते संक्रमण की वजह से थाईलैंड ने भारत समेत 18 देशों के आगमन वीजा को रद्द कर दिया है. इसके साथ ही, उसने तीन देशों को वीजा से मिलने वाले छूट को भी रद्द करने का ऐलान किया है.

बैंकॉक : कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच थाईलैंड ने भारत समेत 18 देशों से आने वाले लोगों का वीजा रद्द करने कर दिया है. थाईलैंड के आंतरिक मंत्री ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की वजह से थाईलैंड ने 18 देशों से आने वाले यात्रियों के आगमन वीजा और तीन का वीजा में छूट को रद्द कर दिया गया है. इससे पहले 18 देशों के निवासियों ने थाई आव्रजन पोस्टों पर अपने-अपने पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेजों के आधार पर आगमन वीजा प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था.

थाई सरकार की ओर से कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की वजह से एहतियातन जिन 18 देशों के वीजा को रद्द किया गया है, उनमें बुल्गारिया, भुटान, ताईवान समेत चीन, साइप्रस, इथोपिया, फिजी, जॉर्जिया, कजाखस्तान, माल्टा, मैक्सिको, नौरू, पापुआ न्यू गुएना, रोमानिया, रूस, सऊदी अरब, उज्बेकिस्तान और वानातु आदि शामिल हैं. इसके साथ ही, जिन देशों के वीजा में दिये जाने वाले छूट को रद्द किया गया है, उसमें दक्षिण कोरिया, इटली और हांगकांग शामिल हैं.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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