भारत के इस पड़ोसी देश में 30 दिनों तक वीजा-फ्री एंट्री, लेकिन भारतीयों के लिए लिया ये फैसला

China Visa Free Entry Countries: चीन ने 48 देशों के लिए नो वीजा एंट्री लागू की है, लेकिन भारत और पाकिस्तान इस लिस्ट में नहीं हैं. फरवरी 2026 से, ब्रिटेन और कनाडा के टूरिस्ट बिना किसी पेपरवर्क के 30 दिनों तक चीन जा सकेंगे. ड्रैगन ने यह समय क्यों चुना, और भारतीय यात्रियों के लिए नए नियम क्या हैं?

China Visa Free Entry Countries: चीन ने अपने दरवाजे दुनिया के लिए और चौड़े कर दिए हैं. 17 फरवरी, 2026 से चीन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ब्रिटेन (UK) और कनाडा के नागरिकों को ‘वीजा-फ्री’ एंट्री देने का ऐलान किया है. अब इन देशों के लोग बिना किसी तामझाम के 30 दिनों तक चीन में घूम सकेंगे.

क्यों लिया चीन ने यह बड़ा फैसला?

चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह कदम टूरिज्म को बढ़ावा देने और लोगों के बीच आपसी रिश्तों को फिर से मजबूत करने के लिए उठाया गया है. कोरोना महामारी के बाद सुस्त पड़े ट्रैवल सेक्टर को फिर से पटरी पर लाने के लिए बीजिंग ने यह मास्टरप्लोक चला है. शिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह नई पॉलिसी 31 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेगी.

ब्रिटेन और कनाडा को क्या मिलेगा फायदा?

ब्रिटेन और कनाडा के प्रधानमंत्री की बीजिंग यात्रा के बाद यह खुशखबरी सामने आई है. अब वहां के लोग:

  • बिना किसी पेपरवर्क के सीधे चीन जा सकेंगे.
  • घूमने-फिरने (Tourism), बिजनेस मीटिंग्स, परिवार से मिलने या ट्रांजिट के लिए इस छूट का फायदा उठा सकते हैं.
  • वे चीन के बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे और ऐतिहासिक कस्बों को भी अपनी मर्जी से देख पाएंगे.
  • पिछले साल चीन ने रूस के लिए भी ऐसी ही 30 दिनों की वीजा-फ्री सुविधा शुरू की थी.

बिजनेस और त्यौहार का खास कनेक्शन

यह फैसला ठीक लूनर न्यू ईयर (स्प्रिंग फेस्टिवल) के समय लिया गया है, जब चीन में जश्न का माहौल होता है. शिन्हुआ की रिपोर्ट कहती है कि वीजा में ढील मिलने से अब विदेशी डेलिगेशन केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे चीन के सेकेंडरी इकोनॉमिक हब्स (छोटे व्यापारिक केंद्रों) तक भी पहुंचेंगे. इससे चीन में इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट बढ़ने की उम्मीद है.

इन देशों की भी लगी लॉटरी

चीन की इस ‘वीजा-फ्री’ लिस्ट में अब तक कुल 48 देश शामिल हो चुके हैं. इसमें लगभग पूरा यूरोप, लैटिन अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व के कई खास देश शामिल हैं. अगर रिस्पॉन्स अच्छा रहा, तो चीन इस सुविधा को 2026 के बाद हमेशा के लिए (पर्मानेंट) भी कर सकता है.

भारत और पाकिस्तान का क्या हुआ?

भले ही चीन ने 48 देशों के लिए रेड कार्पेट बिछा दिया हो, लेकिन भारत और पाकिस्तान को अभी भी इस लिस्ट से बाहर रखा गया है. इन दोनों देशों के नागरिकों को चीन जाने के लिए पहले की तरह ही वीजा लेना होगा.

भारतीयों के लिए अपडेट: हालांकि भारत के लिए कोई वीजा माफी नहीं है, लेकिन 22 दिसंबर, 2025 को चीनी दूतावास ने ‘चाइना ऑनलाइन वीजा एप्लीकेशन सिस्टम’ शुरू किया है. इससे भारतीय नागरिकों के लिए वीजा प्रोसेस थोड़ा तेज और मॉडर्न जरूर हो गया है. अधिक जानकारी के लिए दिल्ली स्थित ‘चाइना वीजा एप्लीकेशन सर्विस सेंटर’ से संपर्क किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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