ब्रिटेन ने पाकिस्तान को अधिक जोखिम वाले देशों की सूची से हटाया, अब भी 26 देश लिस्ट में शामिल

ब्रिटेन की सरकार ने पाकिस्तान को अधिक जोखिम वाले देशों की अपनी सूची से हटा दिया है, जिसमें अब ईरान, म्यांमा और सीरिया सहित 26 देश रह गये हैं. ब्रिटेन की संसद ने सोमवार को सूची में एक संशोधन करते हुए निकारागुआ को भी इससे हटा दिया.

ब्रिटेन में भारतीय मूल के ऋषि सुनक के नये प्रधानमंत्री बनने के साथ एक ओर भारत के लिए अच्छी खबर आयी कि भगोड़े नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को वहां के कोर्ट से हरी झंडी मिल गयी. लेकिन सुनक के पीएम बनते ही भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के लिए भी अच्छी खबर है. ब्रिटेन की सरकार ने उसे अधिक जोखिम वाले देशों की सूची से बाहर कर दिया है.

ब्रिटेन की सूची में अधिक जोखिम वाले 26 देश अब भी शामिल

ब्रिटेन की सरकार ने पाकिस्तान को अधिक जोखिम वाले देशों की अपनी सूची से हटा दिया है, जिसमें अब ईरान, म्यांमा और सीरिया सहित 26 देश रह गये हैं. ब्रिटेन की संसद ने सोमवार को सूची में एक संशोधन करते हुए निकारागुआ को भी इससे हटा दिया.

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ब्रिटेन की अधिक जोखिम वाले सूची में कौन देश हैं शामिल

ब्रिटेन के अधिक जोखिम वाले इस सूची में उन देशों को रखा जाता है जिन्होंने धन शोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण को नियंत्रित करने के लिए संतोषजनक कदम नहीं उठाये हैं. ब्रिटिश सरकार के 14 नवंबर के आधिकारिक विधान में कहा गया है, नयी सूची में, निकारागुआ और पाकिस्तान अब नहीं हैं. ब्रिटेन के वित्त विभाग ने धन शोधन रोधी कार्रवाई और आतंकवाद का मुकाबला करने के इन दोनों देशों के प्रयासों की सराहना की थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया.

ब्रिटेन की घोषणा के बाद पाक विदेश मंत्री ने किया ट्वीट

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल जरदारी भुट्टो ने अपने टि्वटर हैंडल पर ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के राजनयिक पत्र के साथ यह खबर साझा की. पत्र में कहा गया है, एफसीडीओ धन शोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण को नियंत्रित करने में पाकिस्तान द्वारा की गई प्रगति को मान्यता देता है.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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