यूनुस सरकार का बड़ा फैसला, भारत-विरोधी नेता हादी के भाई के लिए यूके मिशन में बनाया नया पद

बांग्लादेश की अंतरिम यूनुस सरकार ने मृतक भारत-विरोधी नेता शरिफ उस्मान हादी के भाई ओमर बिन हादी के लिए यूके के बर्मिंघम मिशन में नया राजनयिक पद बनाया. हादी की हत्या के बाद भारत-विरोधी प्रदर्शन और हिंसा हुई थी. इस नियुक्ति ने सरकार पर पक्षपात और राजनीतिक संदेश देने के आरोप खड़े कर दिए हैं.

मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने ब्रिटेन में अपने मिशन में अचानक एक नया राजनयिक पद बनाया है. इस पद पर शरिफ उस्मान हादी के भाई, ओमर बिन हादी को तैनात किया गया है. हादी दिसंबर 2025 में मारे गए थे और उनकी हत्या का इस्तेमाल इस्लामी समूहों ने बांग्लादेश में भारत-विरोधी भावनाओं को भड़काने के लिए किया.

15 जनवरी को सार्वजनिक प्रशासन मंत्रालय की कॉन्ट्रैक्ट और विदेश नियुक्ति विंग ने अधिसूचना जारी की. इसके अनुसार, ओमर बिन हादी को बर्मिंघम में बांग्लादेश सहायक उच्चायोग में दूसरे सचिव के पद पर तीन साल के लिए नियुक्त किया गया. यह आदेश संयुक्त सचिव अबुल हयात मोहम्मद रफीक ने राष्ट्रपति के आदेश पर जारी किया.

उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़की भारत-विरोधी हिंसा

ओमर के भाई, उस्मान हादी, भारत के खिलाफ कई बयान देने वाले नेता थे. उन्होंने 2024 में प्रधानमंत्री शेख हसीना सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए, जिससे अवामी लीग की सरकार हिली. 28 दिसंबर को उनकी हत्या के बाद बांग्लादेश में इस्लामी समूहों ने प्रदर्शन और भारत-विरोधी भावनाओं को बढ़ावा दिया.

ढाका और अन्य शहरों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे, नारे लगाए और भारतीय मिशनों पर हमला करने की कोशिश की. हालांकि, बांग्लादेश पुलिस ने बाद में कहा कि हादी की हत्या राजनीतिक प्रतिशोध के कारण हुई थी. हादी को ढाका विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कवि काजी नज्रुल इस्लाम के पास दफनाया गया.

विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव से पहले हुई हिंसा और प्रदर्शन जमात-से जुड़े इस्लामी समूहों द्वारा भारत-विरोधी भावनाओं को भड़काने के लिए प्रेरित थे.

ओमर बिन हादी की नियुक्ति पर उठे सवाल

दिलचस्प बात यह है कि बर्मिंघम मिशन में दूसरे सचिव का कोई पहले से मान्यता प्राप्त पद नहीं था. सूत्रों ने कहा कि यह पद खास तौर पर ओमर की तैनाती के लिए बनाया गया. विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि जब नियुक्तियां सार्वजनिक प्रशासन मंत्रालय के जरिए होती हैं, तो पद अपने आप बन जाता है.

हालांकि हादी ने भारत-विरोधी बयान दिए थे, इसका मतलब यह नहीं कि उनका भाई भी वही सोच रखता है. ओमर बिन हादी ने अपनी भाई की हत्या के लिए यूनुस सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव में देरी करने के लिए अराजकता फैला रही थी.

12 दिसंबर को यात्रा करते समय हादी के सिर में मारी गयी थी गोली

ओमर की नियुक्ति को कुछ लोग भारत-विरोधी तत्वों और बांग्लादेशी इस्लामी समूहों को मनाने की कोशिश मान रहे हैं, जिन्होंने कथित रूप से यूनुस को सत्ता में लाने में मदद की. शरिफ उस्मान बिन हादी, ओमर के भाई, कट्टर राजनीतिक संगठन इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे. 12 दिसंबर को ढाका में रिक्शा में यात्रा करते समय उन्हें सिर में गोली लगी.

उन्हें पहले ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, फिर एवरकेयर अस्पताल और अंततः सिंगापुर में उन्नत इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया. 18 दिसंबर की रात वह अपनी चोटों के कारण चल बसे. यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत उनके भाई की विदेश मिशन में नियुक्ति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर पक्षपात और रुचियों के आधार पर नियुक्तियों के आरोपों के बीच.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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