बांग्लादेश चुनाव में पाकिस्तानी खेल का खुलासा, खुद के देश जैसी सरकार लाने का है प्लान; रिपोर्ट का दावा

Bangladesh Election: बांग्लादेश के आने वाले चुनाव में पाकिस्तान दखलअंदाजी की पूरी रूपरेखा बना रह है. वह ऐसी स्थिति चाहता है, जिससे किसी को बहुमत न मिले. एक रिपोर्ट के मुताबिक ढाका स्थित पाकिस्तान का उच्चायोग और आईएसआई से जुड़ा एक नया नेटवर्क कथित तौर पर भारत-विरोधी राजनीतिक संगठनों को समर्थन दे रहा है.

Bangladesh Election: बांग्लादेश में आगामी आम चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है. अंतरिम सरकार का दौर, सत्ता संतुलन को लेकर अनिश्चितता और क्षेत्रीय शक्तियों की बढ़ती सक्रियता ने हालात को और जटिल कर दिया है. इसी बीच पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नए आरोप सामने आए हैं, जिनसे बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में विदेशी दखल की आशंकाएं तेज हो गई हैं और भारत समेत कई देशों की नजरें ढाका पर टिक गई हैं. आने वाले चुनावों में पाकिस्तान दखलअंदाजी की पूरी रूपरेखा बना रह है. वह ऐसी स्थिति चाहता है, जिससे किसी को बहुमत न मिले. 

सीएनएन-न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष कूटनीतिक और खुफिया सूत्रों ने बताया कि ढाका स्थित पाकिस्तान का उच्चायोग और आईएसआई से जुड़ा एक नया नेटवर्क कथित तौर पर भारत-विरोधी राजनीतिक संगठनों को समर्थन दे रहा है. आरोप है कि इसका मकसद बांग्लादेश के आने वाले आम चुनावों को प्रभावित करना, खंडित जनादेश की स्थिति बनाना और बाहरी शक्तियों के लिए राजनीतिक हस्तक्षेप की गुंजाइश बढ़ाना है. इन गतिविधियों को लेकर ढाका के सुरक्षा और कूटनीतिक हलकों में गहरी चिंता देखी जा रही है.

कैसे रचा जा रहा षड्यंत्र?

सूत्रों के मुताबिक, ढाका स्थित पाकिस्तान का उच्चायोग और हाल ही में सक्रिय हुआ आईएसआई से जुड़ा सेल, बीएनपी, जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी के भीतर मौजूद भारत-विरोधी गुटों से संपर्क साधने में भूमिका निभा रहा है. आरोप है कि इसका लक्ष्य चुनावी नतीजों को प्रभावित कर एक कमजोर या त्रिशंकु संसद की स्थिति पैदा करना है. एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक पाकिस्तान बांग्लादेश में ऐसी राजनीतिक व्यवस्था चाहता है, जहां मजबूत सरकार न बन सके और बाहरी ताकतों को अधिक रणनीतिक दबाव बनाने का अवसर मिले. सूत्रों ने यह भी संकेत दिया है कि पाकिस्तान का एक उच्चस्तरीय राजनीतिक और सैन्य प्रतिनिधिमंडल जल्द ही बांग्लादेश का दौरा कर सकता है. अगर ऐसा होता है, तो मौजूदा हालात में कूटनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

हाल ही में मिले पाकिस्तानी उच्चायुक्त और यूनुस

हाल ही में बांग्लादेश में पाकिस्तान के उच्चायुक्त ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की. बातचीत में सत्ता हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ सहयोग और आपसी तालमेल पर भी चर्चा हुई. हालांकि इसे औपचारिक कूटनीतिक पहल बताया गया, लेकिन यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के अस्थायी स्वरूप को देखते हुए इस बैठक ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारों का मानना है कि अंतरिम सरकारों को राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में विदेशी राजनयिकों से दूरी बनाए रखनी चाहिए.

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान न केवल अंतरिम प्रशासन, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के विरोधी राजनीतिक दलों के साथ भी लगातार संपर्क में है. इससे बांग्लादेश की आंतरिक राजनीतिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप की आशंका और मजबूत हुई है. निगरानी संगठनों और ढाका के कूटनीतिक समुदाय के सदस्य इन गतिविधियों पर करीबी नजर रखे हुए हैं, जबकि भारत भी पूरे घटनाक्रम को ध्यान से मॉनिटर कर रहा है.

अन्य पार्टियों को वित्तीय सहायता भी दे रहा पाक

खुफिया इनपुट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तान चुनाव से पहले बांग्लादेश के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने की सक्रिय कोशिश कर रहा है. इसके तहत विपक्षी दलों, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और शफीकुर रहमान के नेतृत्व वाली जमात-ए-इस्लामी को समर्थन दिए जाने की बात कही जा रही है. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई इन दलों को पर्दे के पीछे से वित्तीय मदद पहुंचा रही है, हालांकि इन पर इस्लामाबाद की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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