'बांग्लादेश बना दूसरा पाकिस्तान, ISI को मिली खुली छूट': शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद का दावा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने दिल्ली से बांग्लादेशी प्रशासन और सुरक्षा हालातों पर बड़ा बयान दिया है. पत्रकारों को संबोधित करते हुए वाजेद ने कहा कि "बांग्लादेश अब भारत के पूर्वी मोर्चे पर एक और पाकिस्तान बन चुका है." उन्होंने आरोप लगाया कि देश में विदेशी खुफिया एजेंसियों, विशेषकर पाकिस्तान की ISI को पूरी छूट मिली हुई है.

सजीब वाजेद ने जुलाई-अगस्त 2024 के दौरान बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की संख्या पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा- UN ने मृतकों की संख्या 1,400 बताई है, जबकि सरकारी आंकड़ा लगभग 800 का है. उन्होंने पूछा कि अतिरिक्त 600 लोग कौन हैं और UN को यह सूची कहां से मिली? उन्होंने आगे कहा- "अवामी लीग के वकीलों द्वारा UN को कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद अब तक नामावली प्रदान नहीं की गई है. UN का आकलन केवल 15 अगस्त 2024 तक का है, जबकि हिंसा और मौतें उसके बाद भी जारी रहीं."


उपद्रवियों को 'सुरक्षा कवच' देने का आरोप

पूर्व अंतरिम सरकार पर हमला बोलते हुए वाजेद ने कहा कि यूनुस प्रशासन का पहला काम 'इंडेम्निटी बिल' पारित करना था. इसके तहत प्रदर्शनकारियों को आम नागरिकों, अवामी लीग के नेताओं और पुलिसकर्मियों की हत्या के मामलों में पूर्ण कानूनी सुरक्षा दे दी गई. उन्होंने इसे मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं का सीधा उल्लंघन बताया.


हजारों नेता-कार्यकर्ता बिना ट्रायल के जेल में बंद

अवामी लीग के नेता ने दावा किया कि अगस्त 2024 के बाद से पार्टी के हजारों नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिना किसी मुकदमे, निष्पक्ष सुनवाई या जमानत के हिरासत में रखा गया है. जेल में बंद कई नेताओं की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है. हिरासत के दौरान कई लोगों की मौत भी हो चुकी है.

भारत की सुरक्षा पर गंभीर चिंता

भारत के लिए सुरक्षा खतरों का जिक्र करते हुए वाजेद ने कहा कि सीमा पार बदलता घटनाक्रम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय होना चाहिए. उनके अनुसार, आईएसआई जैसी एजेंसियों की मौजूदगी से भारत के पूर्वी हिस्से में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है.

भारत सरकार ने शहीना के प्रेस कॉन्फ्रेंस से साधी दूरी

शेख हसीना के वर्चुअल कार्यक्रम को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह आयोजन एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया गया है. भारत सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है और न ही सरकार इसमें व्यक्त किए गए किसी विचार का समर्थन करती है.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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