ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपने डिजिटल सुरक्षा कानूनों को मजबूत करते हुए 'डिजिटल ड्यूटी ऑफ केयर' (Digital Duty of Care) का ड्राफ्ट पेश किया है. इस नए कानून के तहत सोशल मीडिया कंपनियों, ऑनलाइन ऐप्स, एआई चैटबॉट्स और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि यूजर्स को एक सुरक्षित और पारदर्शी ऑनलाइन माहौल मिल सके.
अपने फीड का कंटेंट खुद तय कर सकेंगे यूजर
इस कानून का सबसे बड़ा आकर्षण "माय फीड, माय वे" (My Feed, My Way) पहल है. इसके जरिए ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले लोगों को यह अधिकार मिलेगा कि वे अपने फीड का कंटेंट खुद तय कर सकें.
'माय फीड, माय वे' कैसे काम करेगा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अपने पुराने और नए, सभी यूजर्स को नोटिफिकेशन भेजना अनिवार्य होगा. इसमें यूजर्स के पास दो विकल्प होंगे.
- एल्गोरिदम कंटेंट (ऑप्ट-इन): यूजर चाहें तो अपने हिसाब से पर्सनलाइज्ड रिकमेंडेशन वाले फीड को चुन सकते हैं.
- फॉलो किए गए अकाउंट्स (ऑप्ट-आउट): यूजर एल्गोरिदम वाले कंटेंट को बंद कर केवल उन दोस्तों और क्रिएटर्स के पोस्ट देख सकते हैं जिन्हें वे फॉलो करते हैं.
18 साल से कम उम्र के युवाओं को मिलेगा विशेष सुरक्षा कवच
ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और AI चैटबॉट्स को 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए विशेष रूप से सुरक्षित बनाना होगा. कंपनियों को ऐसी सुविधाओं पर रोक लगानी होगी जो बच्चों को एडिक्टिव बनाती हैं या उनके आत्म-सम्मान पर बुरा असर डालती हैं.
- हानिकारक कंटेंट से बच्चों को बचाना प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी होगी.
- ईटिंग डिसऑर्डर (खान-पान से जुड़ी बीमारियों) को बढ़ावा देने वाला कंटेंट.
- महिलाओं और लैंगिक समानता के खिलाफ नफरत फैलाने वाली बातें.
- अश्लील साहित्य (Pornography) और अपराध/खतरनाक स्टंट को बढ़ावा देने वाले वीडियो.
- साइबर बुलिंग, मानसिक तनाव और प्रताड़ना बढ़ाने वाला कंटेंट.
नियम तोड़ा तो लगेगा $109.2 मिलियन (लगभग 600 करोड़ रुपये) का जुर्माना
डिजिटल कंपनियों को यह लिखित में देना होगा कि वे यूजर्स की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही हैं. नियमों का उल्लंघन करने या कोताही बरतने पर कंपनियों पर 109.2 मिलियन डॉलर तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है. ऑस्ट्रेलिया की स्वतंत्र 'ई-सेफ्टी कमिश्नर' (eSafety Commissioner) के पास डीपफेक/न्यूडिफाइ (Nudify) ऐप्स को तुरंत हटाने और साइबर बुलिंग पर त्वरित कार्रवाई करने का अधिकार होगा.
"यह सरकार के नियंत्रण के बारे में नहीं है, बल्कि आम लोगों को अपनी ऑनलाइन दुनिया पर नियंत्रण देने की पहल है. ऑस्ट्रेलिया सोशल मीडिया एज बैन और ऑनलाइन सुरक्षा में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है." — एंथनी अल्बनीज, प्रधानमंत्री, ऑस्ट्रेलिया
"जैसे कारों, खिलौनों या खाने-पीने की चीजों के लिए सुरक्षा मानक होते हैं, वैसे ही डिजिटल प्रोडक्ट्स के लिए भी बुनियादी मानक होने चाहिए. 16 साल से अधिक उम्र के ऑस्ट्रेलियाई आसानी से तय कर सकेंगे कि वे अपने ऐप पर क्या देखना चाहते हैं." — अनिका वेल्स, संचार मंत्री, ऑस्ट्रेलिया
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