कोविड-19 के लक्षण नजर नहीं आने के बावजूद संक्रमण का पता लगाएगी एंटीबॉडी जांच प्रणाली

स्विटजरलैंड की फर्मास्युटिकल कंपनी रोशे ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने एक एंटीबॉडी परीक्षण विकसित किया है, जिससे कोविड-19 से संक्रमित लोगों के साथ साथ उन लोगों का भी पता लगाया जा सकेगा, जिनमें इस वायरस के संक्रमण के बावजूद इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं.

ज्यूरिख : स्विटजरलैंड की फर्मास्युटिकल कंपनी रोशे ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने एक एंटीबॉडी परीक्षण विकसित किया है, जिससे कोविड-19 से संक्रमित लोगों के साथ साथ उन लोगों का भी पता लगाया जा सकेगा, जिनमें इस वायरस के संक्रमण के बावजूद इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते हैं.

इस परीक्षण के मई तक शुरू होने की उम्मीद जताते हुए रोशे ने एक बयान में कहा कि उसने एलकेसिस एंटी-सार्स-सीओवी-2 प्रणाली विकसित की है, जो रक्त के नमूने का उपयोग करके एंटीबॉडी का पता लगा सकती है ताकि कोरोना वायरस के लिए शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का पता लगाया जा सके। सार्स-सीओवी-2 कहलाने वाले वायरस के लिए इस तरह के तथाकथित सेरोलॉजी परीक्षणों को विकसित करने के लिए दुनिया भर में अनुसंधान दल लगातार मेहनत कर रहे हैं.

यह वायरस एक वैश्विक महामारी बन चुका है, जिसने अब तक 21 लाख से अधिक लोगों को संक्रमित किया है और 1,41,000 से अधिक लोगों की जान ले चुका है. रोशे ने बताया, ‘‘एंटीबॉडी जांच उन लोगों की पहचान करने में मदद करने पर केंद्रित है, जो वायरस से संक्रमित हुए हैं.

यह जांच उन मामलों में खास तौर पर उपयोगी रहेगी जिनमें कोरोना वायरस से व्यक्ति संक्रमित तो हैं, लेकिन उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं दिख रहे है.

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Author: Mohan Singh

Published by: Prabhat Khabar

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