US Attack on Iran : पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. मंगलवार की देर रात अमेरिकी सेना ने ईरान के कई मुख्य सैन्य ठिकानों पर करीब सात घंटे तक लगातार हवाई और मिसाइल हमले किए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस हमले का मुख्य मकसद ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना और इस क्षेत्र में अमेरिका व उसके साथी देशों की सुरक्षा तय करना था. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में कुल 37 लोगों की जान चली गई है, जिनमें ईरान के 7 सैनिक और 30 से अधिक आम नागरिक शामिल हैं. इसके अलावा 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
ईरान का पलटवार और कड़ा जवाब देने की चेतावनी
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी कड़ी जवाबी कार्रवाई करने का दावा किया है. ईरान की सेना ने कहा है कि उन्होंने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान ने बताया कि अमेरिकी हमलों में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रैट ऑफ होर्मुज) के पास स्थित उनके मिसाइल लॉन्चिंग ठिकानों और ड्रोन बेस को नुकसान पहुंचा है. साथ ही, दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में उनकी 388वीं ब्रिगेड के सैन्य बैरक पर 13 मिसाइलें दागी गईं, जिससे उनके गेस्ट हाउस और गार्ड पोस्ट तबाह हो गए. ईरान ने इसे कायरतापूर्ण हमला बताते हुए बहुत कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है.
ईरान ने दी ऊर्जा सप्लाई रोकने की धमकी, ट्रंप की चेतावनी
तनाव बढ़ने के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दुनिया को तेल सप्लाई करने वाले सबसे महत्वपूर्ण रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को लेकर बड़ी चेतावनी दी है. ईरान ने कहा है कि वह ऊर्जा (तेल और गैस) का निर्यात रोक सकता है, जिससे पूरी दुनिया के बाजार और सुरक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान बातचीत और समझौते के लिए आगे नहीं बढ़ता है, तो अगले चरण में ईरान के बिजलीघरों, पुलों और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संपत्तियों पर भी हमले किए जा सकते हैं. हालांकि, ईरान ने साफ कहा है कि वह किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा.
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अमेरिका की सैन्य अभियान विराम की घोषणा
इस भीषण हमले के बाद, अमेरिकी सेना ने बुधवार की सुबह घोषणा की कि ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा यह सैन्य अभियान फिलहाल समाप्त कर दिया गया है. हालांकि, स्थिति को नियंत्रण में रखने और ईरान पर नजर रखने के लिए अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलमार्ग के आसपास अपनी घेराबंदी को पहले से भी ज्यादा मजबूत और कड़ा कर दिया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध का माहौल बना हुआ है.
