ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि गुरुवार (11 जून) तड़के उसकी एयरोस्पेस फोर्स और नौसेना ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया. IRGC के मुताबिक, अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में कुवैत के अली अल सलेम और अहमद अल जाबेर एयरबेस के साथ-साथ बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर हमले किए गए, जिनमें 18 अहम अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य उकसावे का जवाब थी. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
कुवैत ने अपना हवाई क्षेत्र बंद किया
ईरान से जारी हमलों के बीच कुवैत ने 11 जून को अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने की घोषणा की. यह घोषणा कुवैत के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने की. उसने बताया कि उड़ानों के रूट डायवर्ट कर उन्हें अन्य हवाई अड्डों की ओर भेजा जा रहा है, हालांकि इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई. घोषणा से पहले कुछ समय तक कई विमान कुवैत के हवाई क्षेत्र के बाहर चक्कर लगाते रहे.
यह भी पढ़ें : डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला, जवाब में तेहरान ने बंद किया होर्मुज स्ट्रेट
दूसरे दिन भी जारी रहे अमेरिकी हवाई हमले
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद गुरुवार तड़के अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर हवाई हमले किए. तेहरान समेत कई शहरों में हुए इन हमलों से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. युद्ध खत्म कराने के लिए चल रही बातचीत की कोशिशें भी फिलहाल ठप पड़ती नजर आ रही हैं. वहीं ईरान ने साफ कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा. इस वजह से ग्लोबल फ्यूल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है.
