अफगानिस्तान की सोना कंपनी में बवाल, ऑपरेटर और लोकल की खूनी झड़प में 4 की मौत, 5 घायल

Afghanistan Gold Mining Company Clash with Locals: अफगानिस्तान के के तखर प्रांत के चाह अब जिले में स्थानीय निवासियों और एक सोना खनन कंपनी के बीच हुई भिड़ंत हो गई. इस घटना में अफगान गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी के अनुसार, इस झड़प में तीन स्थानीय निवासी और कंपनी का एक कर्मचारी सहित 4 लोग मारे गए, जबकि कई लोग घायल हो गए.

Afghanistan Gold Mining Company Clash with Locals: उत्तरी अफगानिस्तान के तखर प्रांत के चाह अब जिले में स्थानीय निवासियों और एक सोना खनन कंपनी के बीच हुई भिड़ंत गंभीर हिंसा में बदल गई, जिसमें कम से कम चार लोग मारे गए और पाँच अन्य घायल हुए. अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के अनुसार, घटना मंगलवार को उस समय हुई जब स्थानीय लोग और कंपनी के कर्मचारी सोना खनन के विवादित काम को लेकर आमने-सामने आ गए. अफगान गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने बताया कि झड़प में तीन स्थानीय निवासी और कंपनी का एक कर्मचारी मारा गया. उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि टकराव की शुरूआत किस वजह से हुई या कंपनी किसकी है.

एक बयान में कहा गया है कि इस हिंसा के सिलसिले में कंपनी के एक सुरक्षा कर्मचारी और एक स्थानीय निवासी को गिरफ्तार किया गया है और दोनों के खिलाफ पूछताछ जारी है. तखर के उप राज्यपाल ने भी तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और सुरक्षा बलों द्वारा स्थिति को नियंत्रण में लाया गया है. कंपनी के खनन कार्य फिलहाल निलंबित कर दिए गए हैं. प्रांतीय प्रवक्ता अकबर हकानी ने कहा कि अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जांच की जा रही है.

अफगान मीडिया के अनुसार, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सोना खनन से उनके पारिस्थितिक और आर्थिक हितों को नुकसान पहुँच रहा है. कुछ रिपोर्टों के अनुसार, खनन गतिविधियों ने इलाके के जल स्रोतों और कृषि भूमि को प्रभावित किया, जिससे प्रदर्शनकारियों और कंपनी के बीच तनाव महीनों से बढ़ रहा था. स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि वे खनिज संसाधनों से होने वाले लाभ में भागीदारी की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज सुनी नहीं गई.

तालिबान-शासित अफगानिस्तान में, सत्ता में आने के बाद से खनिज संपदा जैसे सोना, तांबा और लौह अयस्क का बड़े पैमाने पर दोहन बढ़ा है. तखर और पड़ोसी बदख्शान प्रांतों में सोना खनन के कई ठेके पुराने हैं, लेकिन स्थानीय समुदायों और खनन कंपनियों के बीच विवाद लगातार बढ़ रहे हैं. कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने खनन उपकरणों में आग लगा दी और संघर्ष के दौरान सुरक्षा बलों की हिंसा का सामना किया. 

अफगानिस्तान की सत्तारूढ़ तालिबान सरकार ने 2023 में कहा था कि उसने 6.5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश वाले सात खनन अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से सबसे बड़ा सौदा है. इनका उद्देश्य अरबों डॉलर के निवेश को आकर्षित करना था. अफगानिस्तान कोयला, तांबा, लौह अयस्क, जस्ता, सोना और चांदी जैसी धातुओं के अलावा खनिजों से भी समृद्ध है. हालांकि हाल के घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अफगानिस्तान में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन न केवल आर्थिक मुद्दा है, बल्कि सामाजिक और सुरक्षा संकटों को भी जन्म दे रहा है. इन संघर्षों को लेकर सरकारी और तालिबानी अधिकारियों द्वारा जांच जारी है, और विस्तृत रिपोर्ट आने की उम्मीद है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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