Afghan Taliban Drone Attack On Pakistani Checkposts: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच रिश्ते एक बार फिर बारूद की गंध से भर गए हैं. दोनों पड़ोसी देशों के बीच बीते कुछ दिनों में ऐसी झड़पें हुई हैं, जिन्हें हाल के वर्षों की सबसे घातक भिड़ंत कहा जा रहा है. सीमा के उस पार से तालिबान ने ड्रोन हमला किया और फिर उसका वीडियो भी जारी कर दिया, जिसे देखकर पाकिस्तान सकते में है. दर्जनों पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने या लापता होने की खबरें हैं, जबकि तालिबान को भी नुकसान झेलना पड़ा है. सवाल यह है कि दो मुस्लिम पड़ोसी देशों के बीच यह नया संघर्ष किस ओर जा रहा है?
तालिबान का ड्रोन अटैक
तालिबान ने जो वीडियो जारी किया है, वह ब्लैक एंड व्हाइट फुटेज है. इसमें एक ड्रोन एक इमारत की छत पर गोला-बारूद गिराता हुआ दिखाई देता है. दावा किया गया है कि यह पाकिस्तानी सेना की चौकी थी. जैसे ही गोला गिरता है, एक तेज धमाका होता है और पूरी छत उड़ जाती है. तालिबान का कहना है कि यह हमला पाकिस्तान की ओर से हाल में हुई कार्रवाई के जवाब में किया गया. इस वीडियो को तालिबान ने अपनी “सैन्य ताकत” दिखाने के लिए जारी किया है.
Afghan Taliban Drone Attack On Pakistani Checkposts: सीमा पर युद्ध जैसे हालात
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव इतना बढ़ चुका है कि अब अफगान टैंकों की एक टुकड़ी सीमा की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है. यह तनाव पिछले हफ्ते हुए कई धमाकों के बाद भड़का, जिनमें काबुल में हुए दो बड़े विस्फोट भी शामिल हैं. अफगान अधिकारियों ने उन धमाकों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, जिसके बाद तालिबान ने दक्षिणी सीमा पर जवाबी हमला शुरू कर दिया.
टीटीपी विवाद बना आग की जड़
इस पूरे विवाद की जड़ में है तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी). पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह टीटीपी के आतंकवादियों को पनाह दे रहा है, जबकि काबुल इस दावे से इंकार करता है. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ का कहना है कि अफगान तालिबान को टीटीपी से संबंध तोड़ने के लिए मनाने के प्रयास लगातार असफल रहे हैं. इस्लामाबाद का आरोप है कि 2021 में तालिबान के काबुल में सत्ता में लौटने के बाद से टीटीपी ने सैकड़ों पाकिस्तानी सैनिकों की हत्या की है.
दोनों तरफ के दावे
पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी कर कहा है कि तालिबान ने दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम में दो प्रमुख सीमा चौकियों पर हमला किया था, लेकिन उन्हें वापस खदेड़ दिया गया. दूसरी ओर, तालिबान का दावा है कि पाकिस्तानी मोर्टार हमलों में 15 नागरिक मारे गए और दर्जनों घायल हुए, जबकि उनके “2-3 लड़ाके” भी मारे गए. तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि उसने “एक बार फिर हल्के और भारी हथियारों से” जिले पर हमला किया है.
बारूद की इस लड़ाई का अगला पड़ाव?
दोनों देशों के बीच भरोसे की डोर अब लगभग टूट चुकी है. पाकिस्तान के लिए टीटीपी सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती है, और अफगानिस्तान इसे “आंतरिक मामला” बताकर टाल देता है. कंधार के पास स्पिन बोल्डक में हुई हालिया झड़पों में करीब 20 तालिबान लड़ाके मारे गए. यह घटना बताती है कि सीमा पर अब स्थिति युद्ध जैसी बन चुकी है.
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