वाशिंगटन : एचपीवी वैक्सीन की महज दो खुराक आपके बच्चे को कैंसर से बचा सकता है. अभी हाल ही में सीडीसी और डब्ल्यूएचओ ने नौ से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को इस वैक्सीन की दो से तीन खुराक देने की सिफारिश की है. यह वैक्सीन खासकर लड़कियों के लिए ज्यादा उपयोगी है. लड़कियां एक निश्चित उम्र में आमतौर पर जाने-अनजाने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाती हैं. ऐसे में उनके लिए यह मददगार साबित हो सकता है.
शोधकर्त्ताओं का मानना है कि यह वैक्सीन नौ से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों, खास कर लड़कियों के जननांग के मस्से, यौन संचारित संक्रमण और कैंसर से बचाव में सिर्फ दो खुराक सुरक्षा प्रदान करता है. बोस्टन विश्वविद्यालय के मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने पाया कि ह्यूमन पापिल्लोमा वायरस वैक्सीन (एचपीवी) की दो खुराक जननांगके मस्सेसहित यौन संचारित संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं.
यह अध्ययन ऑनलाइन पत्रिका एसटीडी में प्रकाशित किया गया है. वर्ष 2007 से 2013 के प्राप्त निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि जननांगके मस्सेकी दर में काफी गिरावट आयी है. शोधकर्ताओं ने इसका श्रेय एचपीवी वैक्सीन के व्यापक स्तर पर वितरण को दिया है.
अध्ययन के मुख्य लेखक रेबेका पार्किंस ने कहा कि सीडीसी और डब्ल्यूएचओ ने प्रतिरक्षाजनक परिणामों के आधार पर मुख्य रूप से दो खुराक देने की नयी योजना बनायी है. लेकिन, यह कैसे प्रभावी है, इस पर अभी बहुत कम शोध किया गया है. उन्होंने कहा कि यह अध्ययन नयी अनुशंसाओं को मान्यता देता है और दो खुराक वैक्सीन से जननांगके मस्सेकी रोकथाम की दिशा में आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करता है.
अमेरिका की करीब 40 हजार लड़कियों को वैक्सीन की खुराक दी गयी है. शोधकर्ताओं ने पाया कि वैक्सीन की दो या तीन खुराक प्रभावी है. इसी वजह से यौन संचारित संक्रमणों व इससे संबंधित बीमारियों, कैंसर और जननांगके मस्सेकी रोकथाम के लिए एचपीवी की खुराक देने की सिफारिश की है.
