वैज्ञानिकों का दल, ठंडे, भूरे रंग के बौने ग्रह पर पानी के बादल

लॉस एंजिलिस : वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से करीब 7.2 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक रहस्यमय, ठंडे, भूरे रंग के बौने ग्रह पर पानी के बादल होने के प्रमाण पाये हैं. हमारी सौर प्रणाली के बाहर ऐसे बादलों का पहली बार पता चला है. भूरे रंग का बौना ग्रह ‘‘डब्ल्यूआईएसई 0855” वर्ष 2014 में अपनी खोज […]

लॉस एंजिलिस : वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से करीब 7.2 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक रहस्यमय, ठंडे, भूरे रंग के बौने ग्रह पर पानी के बादल होने के प्रमाण पाये हैं. हमारी सौर प्रणाली के बाहर ऐसे बादलों का पहली बार पता चला है.

भूरे रंग का बौना ग्रह ‘‘डब्ल्यूआईएसई 0855” वर्ष 2014 में अपनी खोज होने के बाद से ही खगोलविदों को आकर्षित कर रहा है. हमारी सौर प्रणाली के बाहर मिला यह सर्वाधिक ठंडा ग्रह है.सैन्टाक्रूज स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने हवाई में जेमिनी नॉर्थ टेलिस्कोप का उपयोग कर डब्ल्यूआईएसई 0855 का एक इन्फ्रारेड हासिल करने में सफलता पाई है जिससे इस ग्रह की संरचना और उसकी रसायनिक स्थिति की एक झलक मिलती है.

अब तक मिली जानकारी में पानी के बादलों या पानी की बर्फ के अस्तित्व के बारे में पुख्ता प्रमाण मिले हैं.यूएस सैन्टाक्रूज में सहायक प्रोफेसर एंड्रयू स्केमर ने बताया ‘‘हमें लगता है कि ठंडे ग्रह में पानी के बादल होने चाहिए और यह ‘डब्ल्यूआईएसई’ इस बात का बेहतरीन प्रमाण है.”

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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