प्रतिष्ठित बिजनेस मैगजीन ‘फॉर्च्यून’ ने दुनिया भर के 50 महान नेताओं की सूची जारी की है. इस सूची में इस बार पीएम नरेंद्र मोदी का नाम नहीं है. लेकिन इस बार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस सूची में जगह बनायी है. इस सूची में पहले नंबर पर अमेजॉन के जेफ बेजोस का नाम है. इससे पहले पीएम मोदी लिस्ट में 5वें नंबर पर थे. जबकि भारत की ओर से अरविंद केजरीवाल को सूची में 42वें स्थान पर रखा गया है. दिल्ली के सीएम को प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए ऑड इवन फॉर्मूला लाने के कारण चुना गया है.
‘फॉर्च्यून’ ने कहा है कि इस महत्वाकांक्षी स्कीम को लॉन्च कर केजरीवाल ने अपने राजनीतिक करियर में जोखिम भरा कदम उठाया. लेकिन दिल्ली की सड़कों से भीड़भाड़ और वायु प्रदूषण कम करने के लिए एक साहसिक कदम है. पिछले साल फॉर्चून ने मोदी के प्रति आशावादी रुख अपनाते हुए उन्हें इस सूची में शामिल किया था. मैगजीन ने कहा था कि मोदी भारत को बिजनेस-फ्रेंडली और कम नियमन वाला देश बनाने का काम कर रहे हैं.
इसके साथ ही ‘फॉर्च्यून’ ने मोदी को महिलाओं के खिलाफ हिंसा और स्वच्छता को लेकर गंभीरता दिखाने श्रेय दिया था. लेकिन मोदी को इस सूची से बाहर क्यों किया गया. इसके लिए ‘फॉर्च्यून’ ने कोई सफाई नहीं दी है. पिछले साल के केवल तीन नाम ही इस बार भी सूची में शामिल किये गये हैं. ये तीनों हैं जेफ बेजोस, टिम कुक और पोप फ्रांसिस. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को इस सूची से लगातार तीसरी बार बाहर रखा गया है.
मैगजीन ने तर्क दिया है कि ओबामा ने ग्लोबल चुनौतियों और घरेलू समस्याओं के सामने सरेंडर कर दिया है. इस लिस्ट में सब्जेक्टिव आधार पर तीन मानदंडों के तहत चुनाव होता है. सूची में शामिल होने वाले व्यक्ति के नाम कोई न कोई नयी उपलब्धि होनी चाहिए. इसके साथ ही उस शख्स के नाम जो पुरानी ख्याति थी, उसमें भी कोई कमी नहीं आनी चाहिए. इतना ही नहीं, उस शख्स को अन्य लोगों को भी कुछ नया और बदलाव लाने वाले कदम उठाने के लिए प्रेरित करने में कामयाब होते दिखना चाहिए और उसकी ताकत में कोई कमी नहीं आनी चाहिए.
साउथ एशिया से केजरीवाल के अलावा इस लिस्ट में एक और नाम है, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना का. इस लिस्ट में हसीना 10वें नंबर पर हैं. इन्हें महिला सशक्तीकरण और अपने देश में शिक्षा के प्रसार में अहम भूमिका निभाने के लिए फॉर्चून ने इस लिस्ट में 10वें नंबर पर जगह दी है.
