जानें, बेल्जियम को क्यों कहा जाता था यूरोप का युद्ध का मैदान
इंटरनेशनल डेस्क बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में आज आतंकी हमले से 34 लोगों की मौत हो गयी. पहले फ्रांस और अब बेल्जियम में हुए हमले के बाद पूरा यूरोप खौफजदा है. दुनियाभर में बेल्जियम की गिनती एक विकसित देशों की श्रेणी में होती है. यह देश कई मायनों में बेहद खास है .16 वी सदी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk |
इंटरनेशनल डेस्क
बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में आज आतंकी हमले से 34 लोगों की मौत हो गयी. पहले फ्रांस और अब बेल्जियम में हुए हमले के बाद पूरा यूरोप खौफजदा है. दुनियाभर में बेल्जियम की गिनती एक विकसित देशों की श्रेणी में होती है. यह देश कई मायनों में बेहद खास है .16 वी सदी से लेकर 18 वी सदी तक यूरोप की कई लड़ाईयां बेल्जियम में लड़ी गयी, इसलिए इसे "युद्ध का मैदान" भी कहते थे.
बेल्जियम की सीमा फ्रांस, जर्मनी, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड के साथ साझा होती है. बेल्जियम का जनसंख्या घनत्व अन्य देशों की तुलना में काफी ज्यादा है. प्रति वर्ग किलोमीटर बेल्जियम का जनघनत्व 344 वयक्तिबेल्जियम की लगभग पूरी आबादी शहरी है .97 प्रतिशत लोग शहरों में रहते हैं. डच, फ्रेंच और जर्मन तीन भाषा बोले जाने वाली देश मानव विकास सूचकांक में 21 वां स्थान रखता है.
बेल्जियम उन कुछ देशों में से एक है, जहाँ अनिवार्य मतदान प्रचलित है. 19वीं सदी में उच्च वर्ग की श्रेणी में आने के लिए फ्रेंच में बात करना जरूरी था और जो केवल डच में वार्तालाप करते थे, उन्हें दूसरे दर्जे का नागरिक समझा जाता थाल लेकिन कालांतर में की विरोध हुए और भाषा के लिए लडाईंया लड़ी गयी. अंतत : त्रिभाषा समुदाय की थ्योरी अपनायी गयी-फ्लेमिश समुदाय (डच भाषी),फ्रांसीसी (यानी, फ्रेंच भाषी) समुदाय, जर्मन भाषी समुदाय. बेल्जियम खुली अर्थव्यवस्था का पैरोकार है.
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