ब्रिटिश मीडिया ने मोदी के अतीत को उछाला

लंदन : ब्रिटिश मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा का आज व्यापक कवरेज किया लेकिन कई खबरों में उनके अतीत और मानवाधिकारों पर उनके रिकार्ड की आलोचना की गई. ‘द गार्डियन’, ‘द टाइम्स’ और ‘द इंडीपेंडेंट’ ने मोदी से जुडे विवादों…गुजरात में हुए 2002 के दंगे और 2012 तक उनके प्रति ब्रिटिश सरकार के […]

लंदन : ब्रिटिश मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा का आज व्यापक कवरेज किया लेकिन कई खबरों में उनके अतीत और मानवाधिकारों पर उनके रिकार्ड की आलोचना की गई. ‘द गार्डियन’, ‘द टाइम्स’ और ‘द इंडीपेंडेंट’ ने मोदी से जुडे विवादों…गुजरात में हुए 2002 के दंगे और 2012 तक उनके प्रति ब्रिटिश सरकार के रुख को अपने पन्नों में खूब जगह दी.

गुजरात दंगों के समय मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे. डेली टेलीग्राफ में पहले पन्ने की तस्वीर में कैप्शन लगाया, ‘सब कुछ माफ हो गया. श्रीमान मोदी.” टाइम्स की खबर, ‘‘डेविड कैमरुन ने इस बात पर जोर दिया है कि मानवाधिकारों पर नरेन्द्र मोदी के रिकार्ड के बावजूद ब्रिटेन भारत के साथ मजबूत संबंधों को जारी रखेगा.”

‘द गार्डियन’ ने शीर्षक लगाया, ‘‘अवांछित व्यक्ति मोदी के लिए उच्च सुरक्षा और कैमरन की सराहना” इसने भारतीय मूल के प्रख्यात ब्रिटिश मूर्तिकार अनीश कपूर का एक आलोचनात्मक आलेख भी छापा है. गौरतलब है कि अमेरिका ने मोदी को वीजा देने से इनकार कर दिया था. ब्रिटेन ने हालांकि उनकी अपने यहां की यात्रा पर पाबंदी नहीं लगाई, पर 10 साल तक उनके प्रति उदासीन बना रहा.

स्तंभकार फिलिप कोलिंस ने ‘द टाइम्स’ में लिखा है, ‘‘कट्टर प्रधानमंत्री ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो हमारे मूल्यों को साझा करते हैं बल्कि ब्रिटेन का भारत के साथ संबंध एक व्यक्ति से कहीं अधिक बड़ा है.” अखबारों ने नौ अरब पौंड का सौदा होने के फैसलों के बारे में और संसद भवन में संबोधन सहित विभिन्न बैठकों की भी खबरें छापी हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >